✍️ नागेंद्र माली पत्रकार आवाज न्यूज़
जौनपुर: बदलापुर विकासखंड क्षेत्र के बहरीपुर बाजार में सर्पदंश से 12 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक की पहचान रितेश पुत्र राजेश टेलर के रूप में हुई है। रितेश कक्षा तीन का छात्र था।
बताया गया कि रितेश को सर्प ने डस लिया था। घटना की जानकारी होने पर परिजनों ने सर्प की पहचान और रेस्क्यू के लिए सर्प मित्र नीरज पांडे को बुलाया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर सर्प का रेस्क्यू कर लिया। इसके बाद बच्चे की हालत बिगड़ने लगी।
परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय पहले झाड़-फूंक कराने के लिए मिरसादपुर स्थित रामचंद्र विश्वकर्मा के पास ले गए। बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए वहां से उसे तत्काल बीएस उपाध्याय के यहां ले जाने की सलाह दी गई। परिजन बच्चे को लेकर वहां के लिए निकले, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
इसके बाद परिजन बच्चे को बीएस उपाध्याय के यहां लेकर पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। घटना के बाद परिवार में मातम पसर गया। पिता राजेश टेलर सिलाई का काम कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बेटे की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस को सूचना दिए बिना किया अंतिम संस्कार
इस मामले में सिगरामऊ थाना अध्यक्ष अखिलेश मौर्य ने बुधवार शाम करीब 4 बजे बताया कि परिजनों ने पुलिस को घटना की सूचना दिए बिना ही बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस को घटना की जानकारी बाद में हुई।
सर्पदंश में समय पर इलाज जरूरी
घटना ने एक बार फिर सर्पदंश के मामलों में जागरूकता की जरूरत सामने ला दी है। सर्प के काटने के बाद झाड़-फूंक में समय गंवाने के बजाय पीड़ित को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए। चिकित्सकीय उपचार में देरी होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक कराने की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे में लोगों को जागरूक करने की जरूरत है कि सर्पदंश की स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण है और पीड़ित को बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाना चाहिए।


















