रिपोर्टर: गुरु प्रसाद विश्वकर्मा
(खुटहन, जौनपुर) 19 जुलाई, रविवार खुटहन थाना क्षेत्र में पिलकिछा के ग्राम प्रधान नरेन्द्र देव यादव अब एक जोखिम भरा कार्य सर्प पकड़ना भी अपने सामाजिक कार्यों में पूर्णतः शामिल कर लिए हैं। अपने ग्रामीण व क्षेत्रीय समाज के लोगों की सुरक्षा हेतु इस जोखिम भरे कार्य सर्प पकड़ने जैसी कला के पारखी हो गए हैं। इस कार्य को करते हुए गांव के कर्मठी,योग्य, शिक्षित व दूरदर्शी सोच वाले प्रधान को समस्त क्षेत्रवासी व ग्रामीणजन एक तरह से इन्हें अब ‘सर्पमित्र’ के रूप में भी जानने लगे हैं। एक तरफ़ घर-परिवार व समाज के लोग इस जोखिम भरे कार्य को करने से मना भी करते हैं, तो दूसरी तरफ़ सर्प निकलने पर रात-बिरात ज्यों ही सर्प निकला लाठी,डंडा खोजने से पहले फ़ोन खोजकर कॉल करके कहते हैं- “प्रधान भैया कहां अ हs s तनि घरवां आय जाता हमरे रसोइयां में एकठो किरा निकला बा भइया आय जा नहि त आज खाना न बन पाई” इस तरह से कहते हुए ग्रामीणजन अपने बाल-बच्चों व जानवरों को सर्पों से बचाव हेतु प्रधान जी को बुलाकर सर्प को पकड़ने में मदद करते हैं। प्रधान जी के इस साहसिक कार्य व सर्प जैसे बेजुबान जानवरों के बचाव को देखते हुए अन्य ग्राम पंचायत के लोग भी प्रधान जी को सर्प रेस्क्यू के लिए बुलाते हैं। प्रधान जी इस कार्य को निःशुल्क करते हुए सर्प को किसी सुरक्षित स्थल पर लेजाकर छोड़ते भी हैं। प्रधान इस तरह से एक तरफ़ पर्यावरण संरक्षण वहीं दूसरी तरफ इस बरसात के मौसम में लोगों के जीवन रक्षा हेतु दिनों रात तत्पर रहते हैं। क्षेत्रवासी बताते हैं कि प्रधान जी बड़े ही सहृदय व विनम्र हैं, वे अपने समस्त देवतुल्य जनता की सेवा के लिए दिन-रात खड़े रहते हैं।
“जो राजा अपनी जान जोख़िम में डालकर अपनी प्रजा की हरसंभव मदद करता है वही असली राजा होता है।”
-चाणक्य के इस कथन की प्रासंगिकता प्रधान जी से जोड़कर देखने पर पूर्णतः सार्थक व सटीक परिलक्षित होती है।
















