Guru Prasad Vishwakarma
राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका
_शिक्षक राष्ट्र का भाग्य विधाता होता है। वह न केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देता है, बल्कि उनके चरित्र का निर्माण भी करता है।...
मोबाइल ने छीनी हर किसी की आजादी
गुरु प्रसाद विश्वकर्मा ( शिक्षाविद्/पत्रकार)
आज की युवा पीढ़ी पूरी तरह से इस तकनीक पर निर्भर है। उन्हें खुद समझ नहीं आ रहा कि यह...
समाप्ति कि ओर इन्सानियत
ऐ समीर! मुझे खुद की तरह आँवारा बना दो,
नफ़रत की सरहद के उस पार पहुँचा दो,
जो ढंक चुकी जमीन ईर्ष्या की रेत...
वरिष्ठ समाजसेवी पिलकिछा प्रधान एक सर्प मित्र कि भूमिका में
रिपोर्टर: गुरु प्रसाद विश्वकर्मा
(खुटहन, जौनपुर) 19 जुलाई, रविवार खुटहन थाना क्षेत्र में पिलकिछा के ग्राम प्रधान नरेन्द्र देव यादव अब एक जोखिम...
सफलता की दौड़ में स्वयं को भूले प्रतियोगी छात्र
*"रुको, ज़रा साँस तो लो"*
सुबह 4 बजे का अलार्म, 12 घंटे की कोचिंग, टेस्ट सीरीज़, मॉक इंटरव्यू, और रात 2 बजे तक...
मध्य प्रदेश में जमीन का खेल
#कुंभ_की_आस्था_में_अवसर_डुबकी
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का जमीनी खेला?
MP गज़ब है : मोहन यादव ने ज़मीनों की झड़ी लगा दी।
अंग्रेजी अख़बार 'इंडियन एक्सप्रेस' ने...
बाइक सवार किशोर के टक्कर से व्यक्ति घायल
संवाददाता : गुरू प्रसाद विश्वकर्मा
रविवार दोपहर बाइक सवार किशोर ने साइकिल सवार बालक को बचाने में पैदल चल रहे खुटहन गांव...
युवा बेरोजगारों के सपनों का सौदागर
युवाओं के सपनों का सौदागर कौन और कब तक?
आख़िर कब तक उत्तर प्रदेश का युवा अपनी किस्मत नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ परीक्षा देता...
बदलते संस्कार
पीपल की छाँव वाली चौपाल अब मोबाइल की स्क्रीन हो गई।
दादा की कहानियाँ अब यूट्यूब की रील हो गईं।।
पहले सुबह-सुबह...
चुनावी मौसम के साथ नेताओं का बदलता नजरिया
खुटहन (जौनपुर)
चुनावी मौसम की प्रकृति को देखते हुए, नेताओं के व्यवहार में परिवर्तन आना स्वाभाविक है, लेकिन वे अक्सर जनहित की अनदेखी कर अपनी...
राजनीति और शिक्षा
खुटहन (जौनपुर)
राजनीति वास्तव में एक विशिष्ट क्षेत्र है जहां श्रमिक वर्ग और वंचित समुदाय अपने प्रतिनिधि चुनते हैं जो बाद में उनकी अनदेखी करते...
निर्वहन परंपरा का
1 🔖 पानी में गुड़ डालिए,बीत जाए जब रात।
सुबह छानकर पीजिए,अच्छे हों हालात।।
2🔖 धनिया की पत्ती मसल,बूंद नैन में डार।
दुखती अंखियां ठीक हों,पल...
थाने के हनुमान मंदिर में सात फेरों से मुकम्मल हुई दो...
जौनपुर: इश्क़ जब अपनी मंज़िल पाने की ज़िद ठान ले, तो तमाम बंदिशें, सामाजिक दबाव और रिश्तों की दीवारें भी उसके रास्ते को रोक...
रिश्तो की हकीकत
✍️✍️रिश्तों की हकीकत✍️✍️
आजकल रिश्ते कांच की तरह तोड़ देते हैं लोग।
जब जरूरत हो थामने कि हाथ छोड़ देते हैं लोग।।
अब हर महफिल में खामोश...
















