जौनपुर। धनतेरस, दीपावली और छठ पर्व पर बाजारों से लेकर पूजा स्थलों तक सुरक्षा और सुविधाओं का बेहतर इंतजाम करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. की अध्यक्षता में आयोजित जिला शांति समिति की बैठक में त्योहारों के दौरान आमजन को होने वाली परेशानियों और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को समय रहते जरूरी इंतजाम पूरे करने की हिदायत दी।
बैठक में सड़क, बिजली, पेयजल, सफाई और यातायात व्यवस्था को लेकर विभागवार जिम्मेदारियां तय की गईं। लोक निर्माण विभाग को बाजारों और प्रमुख रास्तों पर गड्ढों की मरम्मत तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की पैचिंग कराने को कहा गया। बिजली विभाग को जर्जर तारों और खंभों को दुरुस्त करने के साथ त्योहारों के दौरान निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
नगर निकायों को बाजारों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर सफाई व्यवस्था बेहतर करने को कहा गया। इसके तहत नालियों की सफाई, नियमित कूड़ा उठान, जलनिकासी और पर्याप्त रोशनी का प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक का एक अहम निर्देश कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर रहा। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को अधिकारियों, नियमित कर्मचारियों और आउटसोर्सिंग कर्मियों का वेतन धनतेरस और दीपावली से पहले जारी करने को कहा। उनका उद्देश्य है कि त्योहार के अवसर पर कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े और वे भी परिवार के साथ पर्व मना सकें।
खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग को मिठाइयों और अन्य खाद्य सामग्री की जांच के लिए छापेमारी तथा नमूने लेने का अभियान चलाने को कहा गया। वहीं अग्निशमन विभाग को बाजारों, दुकानों और पटाखों की बिक्री के निर्धारित स्थानों पर आग से बचाव के जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई।
सुरक्षा के मोर्चे पर पुलिस को प्रमुख बाजारों, चौराहों, सर्राफा प्रतिष्ठानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पर्याप्त बल तैनात करने के निर्देश मिले। महिला सुरक्षा के साथ यातायात और भीड़ प्रबंधन पर भी विशेष निगरानी रखने को कहा गया। पटाखों की बिक्री तय स्थानों पर ही कराने, दुकानों पर रेट लिस्ट लगाने और प्रतिबंधित व अवैध पटाखों की बिक्री रोकने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को अपने सीयूजी नंबर सक्रिय रखने और घरेलू गैस सिलेंडरों की उपलब्धता बनाए रखने को कहा। आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रमुख स्थानों पर पुलिस सहायता की व्यवस्था करने तथा सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंश को पकड़कर गो-आश्रय स्थलों में पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में शांति समिति के सदस्यों ने बाजारों की सफाई, सड़कों की मरम्मत, बिजली आपूर्ति, कूड़ा उठान और यातायात से जुड़ी स्थानीय समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को इन शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने को कहा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने लोगों को साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क किया। उन्होंने अनजान नंबरों से आने वाली एपीके फाइल डाउनलोड नहीं करने और संदिग्ध लिंक, संदेश या फोन कॉल से सावधान रहने की अपील की। सोशल मीडिया पर मिलने वाली सूचनाओं की पुष्टि किए बिना उन्हें आगे साझा नहीं करने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने जनपदवासियों से धनतेरस, दीपावली और छठ पर्व को आपसी भाईचारे तथा सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। साथ ही लोगों से सुरक्षा नियमों का पालन करने और व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने का आग्रह किया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व परमानंद झा, नगर मजिस्ट्रेट महिपाल सिंह, उप जिलाधिकारी सदर योगिता सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, व्यापार मंडल के प्रतिनिधि और जिला शांति समिति के सदस्य मौजूद रहे।













