1857 के स्वतंत्रता संग्राम की गाथा का मंचन, स्वतंत्रता सेनानी के परिजन को किया गया सम्मानित
जौनपुर। कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षागृह में सोमवार को ऐतिहासिक नाटक ‘क्रांति का बिगुल’ का मंचन किया गया। वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की घटनाओं और वीर सेनानियों के संघर्ष पर आधारित इस प्रस्तुति ने दर्शकों को देश के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराया। कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों के साहस, संघर्ष और बलिदान को मंच पर साकार किया।
संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, भारतेन्दु नाट्य अकादमी और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी नरेंद्र बहादुर सिंह और मुख्य महामंत्री पीयूष गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिजन विमला सिंह को पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया।
रंगकर्मियों ने मंच पर उतारा इतिहास
प्रसिद्ध रंगकर्मी गुंजन शुक्ला के निर्देशन में प्रस्तुत नाटक में कलाकारों ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े घटनाक्रमों और वीरों के बलिदान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। संवाद, अभिनय और भावपूर्ण दृश्यों के जरिए दर्शकों तक स्वतंत्रता, साहस और राष्ट्रप्रेम का संदेश पहुंचाया गया। प्रस्तुति के दौरान स्वतंत्रता संग्राम के संघर्षपूर्ण दौर की झलक देखने को मिली।
विद्यार्थियों और एनसीसी कैडेटों ने भी लिया हिस्सा
कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर, जिला सूचना अधिकारी मनोकामना राय, जिला पंचायत राज अधिकारी, परियोजना निदेशक केके पांडेय, सह विद्यालय निरीक्षक विवेक सिंह, सहायक निदेशक (रंगमंडल) प्रिवेंद्र सिंह और प्रभारी सहायक निदेशक (अकादमी) डॉ. सुमित कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
नेहरू बालोद्यान इंटर कॉलेज, टीडी कॉलेज, मोहम्मद हसन इंटर कॉलेज, जनक कुमारी इंटर कॉलेज और राज कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ एनसीसी कैडेटों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। ऐतिहासिक नाटक के माध्यम से नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष और बलिदान से परिचित कराने का प्रयास किया गया।


















