आजमगढ़। जिले के पवई थाना क्षेत्र के चकिया गांव में 30 वर्षीय हरि ओम पांडे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने गांव के प्रधान जदवंत त्रिपाठी समेत तीन लोगों पर घर में घुसकर मारपीट करने और गला दबाकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
परिजनों के मुताबिक, हरि ओम अपने पिता के बैठके में मौजूद थे। इसी दौरान जदवंत त्रिपाठी, रामलाल शर्मा और उनकी बहू चंदा शर्मा वहां पहुंचे। आरोप है कि किसी बात को लेकर कहासुनी के बाद तीनों ने हरि ओम के साथ मारपीट शुरू कर दी। परिजनों का दावा है कि आरोपितों ने उसे जमीन पर पटक दिया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
मृतक की भाभी प्रियंका पांडे ने बताया कि उन्होंने हरि ओम को बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपितों की संख्या अधिक होने के कारण वह उसे नहीं बचा सकीं। उनका आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें भी धक्का देकर दूर कर दिया। परिवार का कहना है कि घटना के बाद हरि ओम को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
थाने में सुनवाई न होने का आरोप
परिजनों ने पवई थाने की पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक की बहन का कहना है कि घटना के बाद उसकी विधवा भाभी और परिवार के लोग शिकायत लेकर थाने पहुंचे, लेकिन कथित तौर पर उन्हें दो बार वहां से लौटा दिया गया। परिवार का आरोप है कि महिला के साथ पुलिसकर्मियों ने अभद्रता करते हुए धक्का देकर बाहर निकाल दिया और पहले इलाज कराने की बात कही।
परिजनों के अनुसार, तीसरी बार थाने पहुंचने पर पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। परिवार का दावा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने से मौत की बात सामने आई है। हालांकि, मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से क्या कार्रवाई की गई है, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
पत्नी अस्पताल में, तीन दिन के बच्चे के सिर से उठा पिता का साया
परिजनों के मुताबिक, हरि ओम की पत्नी अस्पताल में भर्ती हैं और हाल ही में उन्होंने बच्चे को जन्म दिया है। परिवार का कहना है कि नवजात महज तीन दिन का है, जबकि एक अन्य बच्चा करीब डेढ़ वर्ष का है। मृतक परिवार का कमाने वाला सदस्य था।
परिजनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि परिवार में बुजुर्ग पिता हैं और अब बच्चों तथा परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
मृतक की बहन ने आरोप लगाया कि घटना के मुख्य आरोपित अभी गिरफ्तार नहीं हुए हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच और आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
नोट: वायरल खबर में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की आधिकारिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।















