✍️ नागेन्द्र माली पत्रकार आवाज न्यूज
नई दिल्ली: जन्म और मृत्यु के पंजीकरण को लेकर सरकार ने महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होने जा रहे हैं। अब जन्म या मृत्यु का पंजीकरण देर से कराने पर पहले की तुलना में अधिक सख्त प्रक्रिया से गुजरना होगा।
🛑नए नियमों के मुताबिक, एक साल से अधिक और दो साल तक की देरी होने पर जिला मजिस्ट्रेट, उप-जिला मजिस्ट्रेट या अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अनुमति जरूरी होगी।
🛑वहीं, दो साल से अधिक पुराना मामला होने पर प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद ही पंजीकरण कराया जा सकेगा। इसके साथ ही संबंधित जन्म या मृत्यु की घटना की सत्यता का सत्यापन भी किया जाएगा।
🛑सरकार के मुताबिक, इन बदलावों का उद्देश्य जन्म और मृत्यु के रिकॉर्ड में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाना तथा फर्जी या गलत पंजीकरण पर रोक लगाना है।
🛑यानी 1 अक्टूबर के बाद देरी से जन्म या मृत्यु का पंजीकरण कराना पहले के मुकाबले ज्यादा औपचारिक और सत्यापन-आधारित होगा।


















