जौनपुर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की नई दिल्ली में गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को जौनपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष सत्याग्रह आंदोलन और धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गिरफ्तारी को लोकतंत्र पर हमला बताया।
सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों और युवाओं की आवाज उठाने वाले विपक्ष के नेता की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। वक्ताओं ने पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि राहुल गांधी की गिरफ्तारी लोकतंत्र का काला अध्याय है। प्रदेश सचिव सत्यवीर सिंह ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग कर सरकार ने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया है। पूर्व विधानसभा प्रत्याशी डॉ. राकेश मिश्र ‘मंगला गुरु’ और जिला उपाध्यक्ष लाल प्रकाश पाल ने कहा कि विपक्ष के नेता की गिरफ्तारी संवैधानिक व्यवस्थाओं के खिलाफ है।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए जौनपुर में कई नेताओं और पदाधिकारियों को उनके आवासों पर पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किया गया। इनमें जिलाध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, शहर अध्यक्ष आरिफ खान, सभासद शहनवाज मंजूर, संगठन प्रभारी राकेश मिश्रा, रामसिंह बांकुरे, ओमकार यादव तथा अन्य नेताओं के नाम शामिल बताए गए।
सत्याग्रह में प्रदेश सचिव पंकज सोनकर, किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर डॉ. रामचन्द्र पांडेय, जिला उपाध्यक्ष राकेश सिंह डब्बू, संजय माली, अनिल दूबे आजाद, फैयाज हाशमी, अनिल सोनकर, तौफीक अहमद, जयमंगल यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

















