शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के एक वीडियो के वायरल होने के बाद नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। वीडियो में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को हाथ के इशारों से ‘वंदे मातरम्’ गायन या बजाने को रोकने का संकेत देते हुए देखा जा सकता है। कुछ देर बाद राहुल गांधी भी इसी तरह का इशारा करते नजर आए।
इस फुटेज के सोशल मीडिया पर व्यापक प्रसार के बाद कांग्रेस नेतृत्व पर राष्ट्रीय गीत का अपमान करने के आरोप लगे। आलोचकों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व गीत बजने से असहज लग रहा था।
कांग्रेस ने विवाद को कम करने की कोशिश की। वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कहा, “कोई विवाद नहीं है। पार्टी का रुख हाईकमान या जयराम रमेश बताएंगे।”
यह घटना राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के लाल किले के मुख्य समारोह से अनुपस्थित रहने (प्रोटोकॉल संबंधी आपत्ति का हवाला देते हुए) के बाद सामने आई है।
बीजेपी बनाम कांग्रेस विवाद
यह विवाद ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण को लेकर चल रहे राजनीतिक घमासान के बीच आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले भी कांग्रेस पर राष्ट्रीय गीत को छोटा करने का आरोप लगा चुके हैं। हाल ही में संसद में भी उन्होंने इस मुद्दे पर कांग्रेस की आलोचना की थी।
‘वंदे मातरम्’ की रचना 1875 में बैंकिम चंद्र चटर्जी ने की थी। इसके पहले दो पद राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाए गए, जबकि लंबे संस्करण में धार्मिक बिंबों को लेकर ऐतिहासिक बहस रही है।
इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ को विशेष महत्व दिया गया। लाल किले पर राष्ट्रगान से पहले इसे बजाया गया और संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन भी दोनों सदनों में इसे गाया गया।
कांग्रेस की ओर से वीडियो में दिखे इशारों का विस्तृत स्पष्टीकरण अभी तक नहीं आया है, जिससे विवाद जारी रहने की संभावना है।
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