डीएम सैमुअल पॉल एन. का कड़ा रुख: क्या जौनपुर के सरकारी स्कूलों की बदलेगी सूरत?
जौनपुर। सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने, स्वच्छता बनाए रखने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने बेहद सख्त रुख अपना लिया है। जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति की बैठक में डीएम ने साफ कर दिया है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
📌 डीएम के प्रमुख और कड़े निर्देश:
रोजाना 5 स्कूलों का रियलिटी चेक: सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को अब हर दिन अनिवार्य रूप से कम से कम 5 स्कूलों का औचक निरीक्षण करना होगा।
सेहत पर विशेष फोकस: मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. गंगाराम गौतम को निर्देश दिए गए हैं कि 6 महीने के भीतर
सभी बच्चों की आंखों की जांच, कृमिनाशक दवा का वितरण और शत-प्रतिशत पोलियो टीकाकरण पूरा किया जाए।
सुरक्षा और जागरूकता: स्कूलों में फायर सेफ्टी, बच्चों को नैतिक शिक्षा और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया है।
ड्रॉपआउट पर लगाम: स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों की संख्या को न्यूनतम करने के सख्त निर्देश।
बैठक में जिला विकास अधिकारी मीनाक्षी देवी, बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर समेत सभी एआरपी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
💬 जनता की राय सबसे महत्वपूर्ण!
डीएम साहब की यह पहल कागज़ों पर तो बेहद मजबूत और सराहनीय दिख रही है, लेकिन असली चुनौती इसका जमीनी स्तर पर लागू होना है।
क्या आपको लगता है कि अधिकारियों द्वारा रोज 5 स्कूलों के निरीक्षण से जौनपुर की शिक्षा व्यवस्था, स्वच्छता और बच्चों की सुरक्षा में वाकई कोई बड़ा और वास्तविक सुधार आएगा? या फिर यह भी सिर्फ एक सरकारी आदेश बनकर रह जाएगा?

















