जौनपुर। दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड के आरोपी रवि यादव की पुलिस मुठभेड़ में मौत के मामले में शुक्रवार को न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया। प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने खेतासराय थानाध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने अगली सुनवाई पर थानाध्यक्ष को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का भी निर्देश दिया है।
मामले में सोंधी, खेतासराय निवासी अमरावती देवी ने अधिवक्ता समर बहादुर यादव के माध्यम से न्यायालय में परिवाद दाखिल किया है। परिवाद में एसओजी प्रभारी, खेतासराय और लाइन बाजार थाने के तत्कालीन प्रभारियों समेत कुल 23 पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया है।
परिवाद में आरोप लगाया गया है कि 1 मई 2026 को हुए दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड में रवि यादव को आरोपी बनाया गया था। मृतक की मां का दावा है कि पुलिस ने रवि यादव को 23 मई को दिल्ली से हिरासत में लेकर जौनपुर लाया और 25 मई की रात गोरारी तिराहे के पास कथित फर्जी मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई। परिवाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए सीने में गोली लगने की बात भी कही गई है।
परिजनों के मुताबिक, मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक और मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र दिया गया था, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण ली गई। अधिवक्ता समर बहादुर यादव के अनुसार, अदालत ने पहले मामले में पुलिस से रिपोर्ट भी तलब की थी।
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान पुलिस विभाग की ओर से कोई अधिकारी अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए खेतासराय थानाध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई पर स्पष्टीकरण के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया।
अब मामले की अगली सुनवाई 14 अगस्त को होगी। हालांकि, परिवाद में लगाए गए आरोप मृतक की मां के दावों पर आधारित हैं और प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। समाचार लिखे जाने तक संबंधित पुलिसकर्मियों की ओर से आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
जौनपुर: रवि यादव मुठभेड़ मामले में कोर्ट सख्त, खेतासराय थानाध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस।
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