जौनपुर। दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड को लेकर चल रहे विवाद के बीच मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में एक नया घटनाक्रम देखने को मिला। जहां एक ओर मृतक की बहन सौम्या बिंद अपने भाई को न्याय दिलाने की मांग को लेकर धरने पर बैठी हैं, वहीं दूसरी ओर मामले में नामजद बताए जा रहे जपटापुर ग्राम प्रधान अशोक यादव समेत अन्य आरोपियों के परिजन और ग्रामीण भी धरने पर बैठ गए।
धरने पर मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि उनके परिवार के चार लोगों को बिना पर्याप्त साक्ष्य के मामले में फंसाया जा रहा है। उनका दावा है कि घटना वाले दिन अशोक यादव गांव में आयोजित एक शादी समारोह में शाम से देर रात तक मौजूद थे, जिसका फोटो और वीडियो उनके पास उपलब्ध है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा निर्दोष लोगों को परेशान न किए जाने की मांग की।
धरने में शामिल ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मृतक आजाद बिंद का आपराधिक इतिहास रहा है और उसके कई लोगों से विवाद थे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति की हत्या करना उचित नहीं है और घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
अशोक यादव की पत्नी पूजा यादव ने कहा कि उनके पति का नाम घटना के कई दिन बाद सामने आया और उन्हें नहीं पता कि उनके पति पर आरोप क्यों लगाए गए हैं। वहीं परिवार के अन्य सदस्यों का कहना है कि गांव की पुरानी रंजिश के चलते उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है।
धरनास्थल पर मौजूद महिलाओं और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए तथा किसी निर्दोष को आरोपी न बनाया जाए।
उधर, मृतक की बहन सौम्या बिंद लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी और न्याय की मांग को लेकर धरना दे रही हैं। ऐसे में अब दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर अड़े हुए हैं।
फिलहाल पूरे मामले की जांच पुलिस और प्रशासन के स्तर पर जारी है। आरोपियों के परिजनों के दावों और मृतक पक्ष के आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
जौनपुर: आजाद बिंद हत्याकांड में नया मोड़, नामजद आरोपियों के परिजन कलेक्ट्रेट पर धरने पर बैठे।
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