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जौनपुर शाहगंज अपनी विभिन्न लंबित एवं न्यायोचित मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर शाहगंज तहसील परिसर में आंदोलित लेखपालों ने आज, 3 अक्टूबर को अपने तेवर और तीखे कर दिए। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत प्रदेश की तमाम तहसीलों पर सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक जोरदार धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। है धरने के दौरान लेखपालों ने शासन और राजस्व परिषद की उपेक्षापूर्ण नीति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि विगत 10 वर्षों से 2800 ग्रेड पे, वेतन विसंगति को दूर करने और संवर्ग को तकनीकी पद घोषित करने जैसी जायज मांगों पर केवल आश्वासन ही मिल रहा है। इसके अलावा 8 वर्षों से रुकी अंतर्मंडलीय स्थानांतरण प्रक्रिया, 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची जारी करने और 16 वर्षों से भत्तों (विशेष, वाहन व स्टेशनरी) में बढ़ोतरी न होने से कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।शाहगंज तहसील अध्यक्ष एवं मंत्रियों ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि 22 सितंबर से अतिरिक्त हल्कों के बहिष्कार के बावजूद शासन का रवैया उदासीन बना हुआ है। बिना आधारभूत सुविधाओं (इंटरनेट, बिजली, सुरक्षा) के ग्राम सचिवालयों में रोस्टर लगाने तथा पटल सहायकों के रूप में अवैध संबद्धता से लेखपालों कामानसिक और व्यावहारिक शोषण हो रहा है।
संघ के पदाधिकारियों ने दोहराया कि आज का यह चार घंटे का धरना शासन के लिए अंतिम चेतावनी है। यदि समय रहते उनकी मांगों पर सकारात्मक शासनादेश निर्गत नहीं किया गया, तो प्रदेश के समस्त लेखपाल 17 अक्टूबर से संपूर्ण कार्य बहिष्कार के लिए विवश होंगे। आज के प्रदर्शन के माध्यम से उपजिलाधिकारी के जरिए मुख्यमंत्री को पुनः ज्ञापन प्रेषित कर अविलंब कार्यवाही की मांग की गई।







