Home आवाज़ न्यूज़ झांसी अस्पताल अग्निकांड: सरकार ने एक्सपायर हो चुके अग्निशामक यंत्रों की खबरों...

झांसी अस्पताल अग्निकांड: सरकार ने एक्सपायर हो चुके अग्निशामक यंत्रों की खबरों का किया खंडन, शिशुओं की मौत की जांच के लिए पैनल गठित

0
🔊 खबर सुनें

झांसी के जिला मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार के अनुसार, राज्य के बुंदेलखंड क्षेत्र के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक, महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज के नवजात वार्ड में शुक्रवार रात लगभग 10.45 बजे आग लग गई, जो संभवतः बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी।

उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में आग लगने की घटना की जांच के लिए राज्य स्वास्थ्य विभाग की चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया, जिसमें 10 नवजात शिशुओं की मौत हो गई थी। सरकार ने उन रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया है कि अस्पताल में एक्सपायर हो चुके अग्निशामक यंत्र रखे हुए थे। राज्य सरकार ने एक बयान में कहा कि डीजी मेडिकल एजुकेशन की अध्यक्षता में गठित जांच समिति अगले सात दिनों में मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट देगी।

झांसी के जिला मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार के अनुसार, राज्य के बुंदेलखंड क्षेत्र के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक, महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज के नवजात वार्ड में शुक्रवार रात करीब 10.45 बजे आग लग गई, जो संभवतः बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार झांसी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार को सात शिशुओं का पोस्टमार्टम किया गया, जबकि तीन का पोस्टमार्टम नहीं किया जा सका, क्योंकि उनके माता-पिता की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है।

उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने शनिवार को उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि मेडिकल कॉलेज में एक्सपायर हो चुके अग्निशमन यंत्र रखे हुए हैं। उन्होंने एक बयान में कहा, “मेडिकल कॉलेज में अग्निशमन के सभी उपकरण पूरी तरह से ठीक हैं।” उपमुख्यमंत्री ने आगे बताया कि फरवरी में मेडिकल कॉलेज में फायर सेफ्टी ऑडिट भी किया गया था और जून में मॉक ड्रिल भी की गई थी। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. नरेंद्र सिंह सेंगर ने भी आरोपों को “निराधार” बताया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने घटना की खबर को “बेहद हृदय विदारक” करार दिया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रत्येक मृतक के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। इस घटना से राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है, जहां 20 नवंबर को नौ विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होंगे। विपक्षी दलों ने राज्य की भाजपा सरकार को दोषी ठहराया और कहा कि ये मौतें प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाती हैं।

कांग्रेस ने इस घटना को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा, राहुल गांधी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक के बाद एक हो रही ऐसी दुखद घटनाएं सरकार और प्रशासन की लापरवाही पर कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दुर्घटना की जांच और लापरवाही के दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि योगी आदित्यनाथ को चुनाव प्रचार छोड़कर राज्य की स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि सभी शोक संतप्त परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए, साथ ही कहा, “गोरखपुर की घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए।”

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बचाव कार्य में तेजी लाने के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार रात को ही स्थिति की कमान संभाल ली थी। बचाव अभियान के तहत 15 से 20 मिनट के भीतर अधिकांश बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया। साथ ही, अधिकांश शिशुओं को पीआईसीयू वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया।

मृतक बच्चों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए सीएम आदित्यनाथ ने अधिकारियों को पीड़ितों को हर संभव मदद मुहैया कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, “दुर्घटना में दस नवजात शिशुओं की मौत हो गई, जबकि 54 को बचा लिया गया।” राज्य सरकार की ओर से जारी एक अन्य बयान में कहा गया, “सीएम के निर्देश पर, घटना में मरने वाले नवजात शिशुओं के माता-पिता को 5-5 लाख रुपये और घायलों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 50-50 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।”

The post झांसी अस्पताल अग्निकांड: सरकार ने एक्सपायर हो चुके अग्निशामक यंत्रों की खबरों का किया खंडन, शिशुओं की मौत की जांच के लिए पैनल गठित appeared first on Live Today | Hindi News Channel.

विज्ञापन
aawaz news india
aawaznews
aawaz news

📰 आवाज़ न्यूज़ को Google पर अपना पसंदीदा (Preferred) समाचार स्रोत बनाएं

एक क्लिक में जुड़ें और हर बड़ी खबर सबसे पहले पाएं

Previous articleDRDO ने ओडिशा तट से लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल का किया सफल परीक्षण, राजनाथ सिंह ने कहा ये
Next articleदिलजीत दोसांझ ने शराब का जिक्र न करने के लिए गाने के बदले बोल, फैन्स ने दी ऐसी प्रतिक्रिया
नीरज यादव स्वतंत्र आवाज़ न्यूज़ के संस्थापक , संपादक हैं । वह डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म आवाज़ न्यूज़ के लिए निष्पक्ष और जमीर वाली पत्रकारिता के सृजन में अपना सहयोग कर रहे हैं ।