सर्वोच्च न्यायालय ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के निलंबन की मांग वाली याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया और भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई), कुमार और दो अन्य चुनाव आयुक्तों को नोटिस जारी किया। शीर्ष न्यायालय को एक सप्ताह के भीतर उस याचिका पर जवाब देना है जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व वाले चुनाव आयोग द्वारा कथित तौर पर दो चुनाव आयुक्तों की मंजूरी के बिना लिए गए निर्णयों को चुनौती दी गई है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह की दलीलों पर ध्यान दिया और नोटिस जारी किया। पीठ ने कहा कि चुनाव आयोग के फैसले सर्वसम्मति से या बहुमत से लिए जाने चाहिए और उसने यह मान लिया कि सभी फैसले इसी तरह लिए गए हैं। अदालत ने कहा, “अगर नोटिस मिलने के बाद वे आकर यह साबित करते हैं कि एबीसी के फैसले सर्वसम्मति के बिना लिए गए थे, तो हम उन फैसलों को वापस ले लेंगे।
हालांकि, मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि ये आरोप समाचार रिपोर्टों पर आधारित थे। मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “आप ये दावे एक अखबार की रिपोर्ट के आधार पर कर रहे हैं। संभव है कि रिपोर्ट पूरी तरह सही हो या आंशिक रूप से सही हो। अदालत ने तत्काल कोई आदेश पारित करने से भी इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि 10 दिनों से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा और अगर कुछ भी गलत पाया जाता है, तो उसे बाद में रद्द किया जा सकता है। अदालत ने टिप्पणी की जिस समाचार रिपोर्ट के आधार पर यह याचिका दायर की गई है, वह पूरी तरह सही, आंशिक रूप से सही या गलत हो सकती है। हम इसके आधार पर कोई आदेश पारित नहीं कर सकते।
The post सुप्रीम कोर्ट ने CEC ज्ञानेश कुमार के निलंबन की मांग को खारिज किया appeared first on Live Today | लाइव टुडे.






