खुटहन में RTI आवेदन पर 62 दिन बाद भी नहीं मिली सूचना, प्रथम अपील के बाद डीपीआरओ को निर्देश
जौनपुर (खुटहन)। विकास खंड खुटहन में सूचना का अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध नहीं कराए जाने का मामला सामने आया है। ग्राम भटपुरा (रसूलपुर) निवासी अमित कुमार ने विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था से संबंधित सूचनाएं मांगी थीं। आवेदक के अनुसार, आवेदन के 62 दिन बाद भी उन्हें मांगी गई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने प्रथम अपील की प्रक्रिया अपनाई।
सूचना के लिए शुल्क मांगने का मामला
आवेदक अमित कुमार के अनुसार, सूचना उपलब्ध कराने में देरी के बाद जन सूचना अधिकारी एवं एडीओ पंचायत अजय मिश्रा की ओर से सूचना देने के लिए शुल्क की मांग की गई।
हालांकि, इस मामले में यह स्पष्ट होना बाकी है कि संबंधित अवधि में अजय मिश्रा को खुटहन ब्लॉक में विधिवत जन सूचना अधिकारी नियुक्त किया गया था या नहीं।
सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत संबंधित लोक प्राधिकरण द्वारा नामित जन सूचना अधिकारी ही अपने दायित्वों के अंतर्गत आवेदन का निस्तारण करता है।
बीडीओ ने क्या कहा?
आवेदक के अनुसार, मामले में खंड विकास अधिकारी (BDO) से बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि निर्धारित समय सीमा में सूचना उपलब्ध नहीं कराए जाने की स्थिति में सूचना नि:शुल्क दिए जाने का प्रावधान है।
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 7(6) के अनुसार, यदि निर्धारित समय सीमा में सूचना उपलब्ध नहीं कराई जाती है, तो संबंधित आवेदक को सूचना नि:शुल्क दी जानी चाहिए।
उपनिदेशक ने डीपीआरओ को जारी किया पत्र
मामले में अपीलीय अधिकारी एवं उपनिदेशक (पंचायत), वाराणसी मंडल समरजीत यादव की ओर से कार्रवाई की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ऑनलाइन अपील संख्या DIRPR/A/2026/62994 के निस्तारण के क्रम में जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO), जौनपुर को पत्र जारी किया गया है।
पत्रांक 1161/2026-27 के माध्यम से एक सप्ताह के भीतर आवेदक को मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने और अनुपालन रिपोर्ट वाराणसी कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या ADO पंचायत को जन सूचना अधिकारी के रूप में सूचना देने का अधिकार है?
सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत किसी अधिकारी को जन सूचना अधिकारी के रूप में कार्य करने के लिए विधिवत नामित किया जाना आवश्यक है।
ऐसे में खुटहन के इस मामले में एडीओ पंचायत अजय मिश्रा की नियुक्ति संबंधी आदेश की पुष्टि महत्वपूर्ण है। नियुक्ति आदेश और शुल्क मांगने से संबंधित दस्तावेज सामने आने के बाद ही इस पहलू पर स्पष्ट स्थिति सामने आ सकेगी।
आवेदक को सूचना मिलने का इंतजार
उपनिदेशक की ओर से जारी निर्देश के बाद अब आवेदक को मांगी गई सूचना उपलब्ध कराए जाने की प्रक्रिया पर नजर है।
मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।

















