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जौनपुर:कैरी बैग के 16 रुपये लेना पड़ा महंगा, विशाल मेगा मार्ट पर 3,016 रुपये का जुर्माना*

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✍️ नागेंद्र माली आवाज न्यूज़
जौनपुर।* खरीदारी के बाद कैरी बैग के नाम पर उपभोक्ता से 16 रुपये अतिरिक्त वसूलना विशाल मेगा मार्ट को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार मानते हुए विशाल मेगा मार्ट के मैनेजर को उपभोक्ता को कुल 3,016 रुपये अदा करने का आदेश दिया है। इसमें कैरी बैग के 16 रुपये, मानसिक पीड़ा के लिए 1,500 रुपये तथा परिवाद व्यय के रूप में 1,500 रुपये शामिल हैं। आयोग ने पूरी धनराशि आदेश की तिथि से एक माह के भीतर अदा करने का निर्देश दिया है।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह एवं सदस्य गीता ने यह आदेश जोगियापुर निवासी दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव की ओर से दाखिल परिवाद पर सुनाया।
अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव ने आयोग में दाखिल परिवाद में बताया कि उन्होंने 10 नवंबर 2024 को टीडी कॉलेज रोड, मोहल्ला हुसैनाबाद स्थित विशाल मेगा मार्ट से 2,436 रुपये की खरीदारी की थी। खरीदारी के बाद प्रतिष्ठान की ओर से कैरी बैग के लिए अलग से 16 रुपये वसूल किए गए।
परिवादी का कहना था कि खरीदारी से पहले अथवा खरीदारी के दौरान कैरी बैग के लिए अलग से शुल्क लिए जाने की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इसके बावजूद बिल में कैरी बैग का अतिरिक्त शुल्क जोड़ दिया गया। उन्होंने इसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए 13 नवंबर 2024 को जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दाखिल किया।
परिवादी की ओर से तर्क दिया गया कि जब कैरी बैग की कीमत उपभोक्ता से अलग से वसूली जा रही है तो वह भी एक वस्तु की श्रेणी में आता है। ऐसे में उपभोक्ता को उसकी कीमत और उससे संबंधित जानकारी पहले से उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि वह उसे खरीदने अथवा नहीं खरीदने का स्वतंत्र निर्णय ले सके।
यह भी आरोप लगाया गया कि प्रतिष्ठान में ग्राहकों को अपना कैरी बैग लेकर अंदर जाने की अनुमति नहीं थी और इस व्यवस्था के कारण ग्राहकों को खरीदारी के बाद प्रतिष्ठान से ही कैरी बैग लेना पड़ता था। परिवादी ने खरीदारी की रसीद सहित अन्य दस्तावेज आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए तथा राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के 22 दिसंबर 2020 के निर्णय का भी हवाला दिया।
मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने कैरी बैग के लिए अतिरिक्त राशि वसूले जाने को सेवा में कमी एवं अनुचित व्यापारिक व्यवहार माना। आयोग ने विशाल मेगा मार्ट के मैनेजर को आदेश दिया कि वह अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव को कैरी बैग के 16 रुपये सहित मानसिक पीड़ा के 1,500 रुपये और परिवाद व्यय के 1,500 रुपये, कुल 3,016 रुपये एक माह के भीतर अदा करें।
गौरतलब है कि इससे पूर्व बाजार कोलकाता और वी-मार्ट पर भी कैरी बैग के लिए छह रुपये अतिरिक्त लेने के मामले में उपभोक्ता फोरम ने 3,000 रुपये का हर्जाना लगाया था। उक्त धनराशि दोनों प्रतिष्ठानों की ओर से फोरम में जमा भी कराई गई थी।

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