अखिलेश यादव ने लोकसभा में चल रहे पेपर लीक संशोधन विधेयक पर केंद्र सरकार की जमकर आलोचना करते हुए कहा, “सरकार ने एक ‘प्रधान’ को हटाकर दूसरे ‘प्रधान’ को बचा लिया है।” अखिलेश यादव ने अपने मजाकिया अंदाज में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, “सरकार झुकती तो है, लेकिन उसे झुकाने के लिए किसी की जरूरत है। मोदी सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “अगर कानून प्रभावी होता तो भाजपा के दस साल के कार्यकाल में 20 परीक्षाएं कैसे लीक हो गईं…?” उन्होंने मोदी सरकार की आलोचना करते हुए यह भी कहा, “जो लोग चोरी रोकने में नाकाम रहे, उन पर कैसे भरोसा किया जा सकता है?
लोकसभा में पेपर लीक विरोधी संशोधन विधेयक पर चर्चा जारी
इससे पहले केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में बहस की शुरुआत की, केंद्र ने सोमवार को निचले सदन में पेपर लीक विरोधी कानून में संशोधन करने के लिए विधेयक पेश किया, जिसमें 10 साल तक की कैद और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। यह विधेयक NEET घोटाले को लेकर देशव्यापी छात्र विरोध प्रदर्शनों के कुछ दिनों बाद पेश किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के बीच प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा प्रस्तावित विधेयक पेश किया गया।
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