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जनता लहर में भी अडिग रहा खुटहन, 1977 में लक्ष्मी शंकर यादव ने बचाया था कांग्रेस का किला

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खुटहन/जौनपुर। वर्ष 1977 का विधानसभा चुनाव भारतीय राजनीति के इतिहास में एक बड़े बदलाव का प्रतीक माना जाता है। आपातकाल के बाद देशभर में कांग्रेस विरोधी माहौल था और उत्तर प्रदेश में जनता पार्टी की लहर चल रही थी। लेकिन तत्कालीन खुटहन विधानसभा क्षेत्र ने अलग राजनीतिक संदेश दिया। यहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लक्ष्मी शंकर यादव ने जनता पार्टी की चुनौती को परास्त करते हुए लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की और कांग्रेस के गढ़ को सुरक्षित रखा।

चुनाव परिणाम के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) के प्रत्याशी लक्ष्मी शंकर यादव को 32,492 मत (45.35 प्रतिशत) प्राप्त हुए, जबकि जनता पार्टी के उम्मीदवार रामदास को 28,719 मत (40.08 प्रतिशत) मिले। दोनों नेताओं के बीच कांटे का मुकाबला हुआ, लेकिन अंततः लक्ष्मी शंकर यादव ने 3,773 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।

देश में जनता लहर, लेकिन खुटहन में कांग्रेस का भरोसा

1977 के चुनाव में पूरे उत्तर प्रदेश में जनता पार्टी का प्रभाव दिखाई दे रहा था, लेकिन खुटहन विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं ने स्थानीय नेतृत्व और व्यक्तिगत लोकप्रियता को प्राथमिकता दी। यही वजह रही कि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस को झटका लगने के बावजूद खुटहन सीट पर पार्टी अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल रही।

लगातार दूसरी बार विधायक बने लक्ष्मी शंकर यादव

इससे पहले 1974 के विधानसभा चुनाव में भी लक्ष्मी शंकर यादव ने कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी। 1977 में मिली दूसरी जीत ने उन्हें क्षेत्र के सबसे प्रभावशाली नेताओं में स्थापित कर दिया। उस दौर में खुटहन विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता था।

1977 खुटहन विधानसभा चुनाव के प्रमुख परिणाम

प्रत्याशी

दल

प्राप्त मत

लक्ष्मी शंकर यादव

कांग्रेस

32,492

रामदास

जनता पार्टी

28,719

बशिष्ठ नारायण

निर्दलीय

4,416

राम पलट

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया

2,813

बाबू नंदन

निर्दलीय

2,415

राजनीतिक महत्व

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, 1977 का चुनाव इस बात का प्रमाण था कि खुटहन विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय जनाधार और व्यक्तिगत प्रभाव राष्ट्रीय राजनीतिक लहरों पर भारी पड़ सकते हैं। यही कारण रहा कि जनता पार्टी की लहर के बावजूद कांग्रेस यहां अपना परचम फहराने में सफल रही।

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नीरज यादव स्वतंत्र आवाज़ न्यूज़ के संस्थापक , संपादक हैं । वह डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म आवाज़ न्यूज़ के लिए निष्पक्ष और जमीर वाली पत्रकारिता के सृजन में अपना सहयोग कर रहे हैं ।