उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और विचलित कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक बैंक मैनेजर ने धोखाधड़ी के आरोपों और व्यवस्था की अनदेखी से परेशान होकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मूल रूप से उन्नाव जिले के बांगरमऊ निवासी 34 वर्षीय अनुराग बाजपेई कानपुर के गोविंद नगर स्थित बंधन बैंक की शाखा में गोल्ड लोन विभाग के प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। बीते कुछ समय से एक ग्राहक द्वारा की गई ऋण धोखाधड़ी के मामले में उन्हें लगातार उलझाया जा रहा था।
इस पूरे प्रकरण में कोई सुनवाई न होने, लगातार खुद को निर्दोष बताते रहने के बावजूद सभी के द्वारा उन्हें ही दोषी ठहराए जाने की हताशा में उन्होंने अपने किराये के कमरे में फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। इस घटना ने बैंकिंग क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के मानसिक दबाव और तनाव को भी उजागर किया है।
अनुराग पिछले दो वर्षों से अपने परिवार के साथ किदवई नगर के एम ब्लॉक में एक किराये के मकान में रह रहे थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी दिव्या और तीन छोटे बच्चे— वैभव, मृत्युंजय और ढाई साल की बेटी देविका हैं। पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाने से ठीक पहले बुधवार दोपहर को अनुराग ने अपनी पत्नी दिव्या को मोबाइल पर लगातार 11 संदेश भेजे थे। दोपहर 2:52 बजे से 2:56 बजे के बीच भेजे गए इन दर्दभरे संदेशों में उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए लिखा था कि बीते सात अक्तूबर से यह विवाद चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में लिखा कि नितिन गौर नामक एक ग्राहक ने यह सारी धोखाधड़ी की है और इसमें उनकी व्यक्तिगत रूप से कोई भी गलती नहीं है।
उन्होंने अपनी हताशा जाहिर करते हुए कहा कि हर कोई उन्हें ही दोषी मान रहा है और कोई भी उनकी सच्चाई सुनने को तैयार नहीं है। पत्नी दिव्या ने जब दोपहर 3:10 बजे ये संदेश देखे, तो उन्होंने घबराकर तुरंत पूरी बात जानने के लिए मेसेज किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं आया।
किसी अनहोनी की गहरी आशंका के चलते दिव्या ने तत्काल अपने परिजनों और बैंक के अन्य कर्मचारियों को इस बात की सूचना दी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बैंक का एक कर्मचारी फौरन उनके घर पहुंचा, लेकिन वहां कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। बाहर से काफी आवाज देने और खटखटाने के बाद भी जब अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस की टीम ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों और परिजनों की मौजूदगी में जब कमरे का दरवाजा खोला, तो अंदर का नजारा दिल दहला देने वाला था; अनुराग का शव छत के पंखे से लटकता हुआ पाया गया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के दौरान मौके से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें मृतक ने अपनी बेगुनाही और मानसिक प्रताड़ना का विस्तृत जिक्र किया है। इसके साथ ही, कमरे से एसीपी बाबूपुरवा को संबोधित एक शिकायती प्रार्थना पत्र भी मिला है, जो इस बात का सुबूत है कि वह न्याय और मदद की गुहार लगा रहे थे। बाबूपुरवा थाना प्रभारी नीरज ओझा ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और बरामद सुसाइड नोट व परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर मामले की गहन जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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