✍️ नागेंद्र माली आवाज न्यूज़
प्रतापगढ़/जौनपुर। नौकरी दिलाने का झांसा देकर महिला से शारीरिक संबंध बनाने, अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने तथा जान से मारने की धमकी देने के आरोप में दर्ज मुकदमे में आयुष हॉस्पिटल, बदलापुर के दुष्कर्मी कथित डॉक्टर पंकज उर्फ ज्ञान प्रकाश तिगुनायत को बड़ा झटका लगा है। प्रतापगढ़ की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (ई.सी. एक्ट) अंकिता दुबे की अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
अदालत में अभियोजन पक्ष ने बताया कि पीड़िता को आरोपी ने नौकरी का प्रलोभन देकर उसके साथ संबंध बनाए, अश्लील फोटो और वीडियो तैयार किए तथा विवाह के बाद उन्हें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता रहा। पीड़िता ने यह भी कहा है कि आरोपी उसके ससुराल पहुंचकर भी दबाव बनाता रहा और विरोध करने पर पति की हत्या कराने की धमकी दी।
वहीं बचाव पक्ष ने अदालत में दावा किया कि आरोपी निर्दोष है और उसके खिलाफ दुर्भावना तथा धन उगाही के उद्देश्य से झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। पीड़िता और उसके सहयोगी पूर्व में हॉस्पिटल में कर्मचारी थे तथा उन पर हॉस्पिटल से उपकरण और दवाएं चोरी करने का आरोप है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने माना कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं तथा महिला के विरुद्ध अपराध से जुड़े हैं। न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मामला अग्रिम जमानत देने योग्य नहीं है और आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
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