समाज के बीच हम धर्म और भगवान के नाम पर लड़ते रहते हैं इसमें हमारा और हमारे परिवार ,समाज व देश का नुकसान ही होता है। जो दूसरों के साथ-साथ हमारे लिए भी कष्टदाई होता है कुछ भी करने से पहले हमें कई बार सोचना चाहिए। जीवन को सुंदर और यादगार बनाने के लिए महापुरुषों के जीवन का अध्ययन करना चाहिए और उससे प्रेरणा लेना चाहिए महापुरुष अपने पथ के निर्माता स्वयं होते हैं। अपना पथ निर्माण किए बिना किसी को सिद्ध बुद्ध मोक्ष प्राप्त नहीं हो सकता है। इसलिए आप भी अपना पथ स्वयं बनाने का प्रयास कीजिए और किसी पर आधारित मत रहिए। विभिन्नता एवं परिवर्तन संसार का अटल सत्य है अब वनस्पतियों को ही ले लीजिए लाखों प्रकार की वनस्पतियां हैं लेकिन सब में विभिन्नता है एक जैसी कोई नहीं, इसी प्रकार संसार में करोड़ों लोग हैं और सबके सूरत स्वभाव अलग-अलग है इतना ही नहीं आप रास्ते में चलते-चलते एक छोटा सा कंकर उठा लीजिए और सारे विश्व में घूम कर आइये आपको वैसा कंकर अन्यत्र कहीं नहीं मिलेगा, इस संसार में सबकी अपनी अपनी अलग सत्ता है इसी प्रकार साधना -आराधना का तरीका भी एक जैसा नहीं है। साधना के क्षेत्र में किसी भगवान को छोटा बड़ा नहीं माना जाता जो आत्माएं विराट अवस्था पूर्णता को प्राप्त कर गई है वह आदरणीय है वह इस पूर्णता को कैसे प्राप्त हुई यह महत्व नहीं रखता ,जिस प्रकार फूल का खिलना महकना ही सबसे बड़ी बात है इसी प्रकार पूर्णता को प्राप्त करना सबसे बड़ी उपलब्धि है। यह समभाव का संदेश महापुरुष अपने संदेश में देते हैं उनके इस संदेश को आचरण में उतारने से बड़े से बड़े आपसी विवाद समाप्त हो सकते हैं।इस सच्चाई को जो नहीं समझता, उसका जीवन दानव जैसा हो जाता है वह समाज परिवार व देश में अराजकता फैलाता है ।उन महान महापुरुषों से हमें कुछ सीख लेकर चलना चाहिए और उनके नाम पर धार्मिक लड़ाई झगड़ा नहीं करना चाहिए। भगवान महावीर स्वामी ने सुरक्षित व आनंदित जीवन के लिए सत्य की धरातल पर बोलने सोने व साधना करने का मंत्र दिया है।इस प्रकार हम महान पुरुषों के विचारों को आत्मसात करके अपना जीवन सुरक्षित व सुंदर बना सकते हैं।
🔊 खबर सुनें







