पूर्व विधायक एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री के राजनीतिक जीवन और जनसेवा को किया याद, शिक्षा, सड़क, सिंचाई और ग्रामीण विकास में योगदान की हुई चर्चा
खुटहन, जौनपुर। खुटहन की राजनीतिक विरासत और क्षेत्रीय विकास से जुड़ा नाम रहे पूर्व विधायक एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय लक्ष्मी शंकर यादव की 31वीं पुण्यतिथि पर गुरुवार, 29 अक्टूबर को श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके राजनीतिक जीवन, सामाजिक सरोकारों और विकास कार्यों को याद किया। कार्यक्रम के दौरान उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा करते हुए समाजहित में उनके योगदान को स्मरण किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत बिशुनपुर चौराहे पर गायत्री पूजा के साथ हुई। इसके बाद श्री गणेशराम इंटर कॉलेज, बटाईबीर, शाहपुर तथा लक्ष्मी शंकर यादव इंटर कॉलेज, बरौत, शाहगंज में श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया। उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके सार्वजनिक जीवन से जुड़ी स्मृतियों को साझा किया।
खुटहन की राजनीति में बनाई अलग पहचान
स्वर्गीय लक्ष्मी शंकर यादव ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई। वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, खुटहन के पूर्व विधायक, उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष रहे। उनका राजनीतिक जीवन क्षेत्रीय राजनीति में उनकी सक्रियता और जनसरोकारों के लिए जाना जाता है।
आवाज न्यूज़ की ओर से पूर्व में प्रकाशित ऐतिहासिक चुनाव संबंधी रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 1974 के विधानसभा चुनाव में लक्ष्मी शंकर यादव ने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की थी। इसके बाद वर्ष 1977 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने खुटहन सीट पर अपनी जीत बरकरार रखी।
वर्ष 1977 का विधानसभा चुनाव देश की राजनीति में एक बड़े बदलाव का दौर था। आपातकाल के बाद हुए इस चुनाव में उत्तर प्रदेश सहित देश के अनेक हिस्सों में कांग्रेस को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। ऐसे राजनीतिक माहौल में खुटहन विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी लक्ष्मी शंकर यादव ने जनता पार्टी के उम्मीदवार रामदास को पराजित किया था।
आवाज न्यूज़ की चुनाव संबंधी रिपोर्ट के मुताबिक, इस चुनाव में लक्ष्मी शंकर यादव को 32,492 मत मिले थे, जबकि रामदास को 28,719 मत प्राप्त हुए थे। इस प्रकार उन्होंने 3,773 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। यह जीत खुटहन के राजनीतिक इतिहास की उल्लेखनीय घटनाओं में शामिल है।
विकास कार्यों से जुड़ी रही पहचान
स्वर्गीय लक्ष्मी शंकर यादव को खुटहन क्षेत्र में विकास पुरुष के रूप में याद किया जाता है। उनके सार्वजनिक जीवन से जुड़ी स्मृतियों में सड़क निर्माण, सिंचाई सुविधाओं, सहकारिता और शिक्षा के विस्तार जैसे विषय प्रमुखता से सामने आते हैं।
लोक निर्माण विभाग और प्रदेश सरकार में मंत्री के रूप में उनकी भूमिका को याद करते हुए क्षेत्र के लोग विकास से जुड़े प्रयासों का उल्लेख करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा, किसानों के लिए सिंचाई व्यवस्था और सहकारी संस्थाओं की भूमिका जैसे विषय उस दौर के ग्रामीण विकास की महत्वपूर्ण जरूरतों में शामिल थे।
उनके नाम से जुड़े शिक्षण संस्थान भी उनकी स्मृति को आगे बढ़ा रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में संस्थानों की स्थापना और उनके संचालन से जुड़ी विरासत ने क्षेत्र में उनके योगदान को एक अलग पहचान दी है। उनके नाम पर संचालित शिक्षण संस्थानों में आयोजित श्रद्धांजलि सभाएं नई पीढ़ी को उनके जीवन और सार्वजनिक योगदान से परिचित कराने का माध्यम भी हैं।
जनसेवा और सामाजिक सरोकारों को किया याद
श्रद्धांजलि सभा में स्वर्गीय लक्ष्मी शंकर यादव के राजनीतिक जीवन और सामाजिक योगदान को याद किया गया। उनके जीवन से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से क्षेत्र के विकास, शिक्षा के प्रसार और जनहित के कार्यों के महत्व को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम में विजय कुमार यादव, ओम प्रकाश यादव, हौशिला प्रसाद यादव, अरविन्द कुमार, विवेक कुमार, कमलेश प्रधान, अशोक प्रधान, राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, ठाकुर प्रसाद यादव, विश्राम पूर्व प्रधान, ईश्वर देव यादव, दुर्गेश मिश्रा सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि सभा के माध्यम से उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय लक्ष्मी शंकर यादव को नमन करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया। उनका सार्वजनिक जीवन इस बात की याद दिलाता है कि किसी जनप्रतिनिधि की विरासत केवल उसके राजनीतिक पदों से नहीं, बल्कि समाज और क्षेत्र के विकास में उसके योगदान से भी पहचानी जाती है।






