टेलीग्राम और स्नैपचैट के जरिए करता था संपर्क, बैंक खाते में 4.34 लाख रुपये के लेन-देन का खुलासा
आजमगढ़। सोशल मीडिया पर लड़की की फर्जी पहचान बनाकर लोगों को अश्लील वीडियो कॉलिंग और आपत्तिजनक सामग्री उपलब्ध कराने का झांसा देकर पैसे वसूलने के आरोप में जीयनपुर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को अपने संपर्क में लाता था। इसके बाद अलग-अलग बहानों से उनसे रुपये ऐंठता था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन और 2,210 रुपये नकद बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में उसके बैंक खाते में करीब 4.34 लाख रुपये के क्रेडिट ट्रांजेक्शन सामने आए हैं। पुलिस इन लेन-देन और डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जांच कर रही है।
### मुख्यालय से मिले इनपुट पर हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय से चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेशन एंड एब्यूज मटेरियल (CSEAM) से संबंधित इनपुट मिलने के बाद साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई की गई। अधिकारियों के निर्देशन में साइबर सेल और जीयनपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई।
इसी क्रम में 26 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने गोपाल चौहान (22), पुत्र रामाशीष चौहान, निवासी असरूपुर, थाना जीयनपुर, जनपद आजमगढ़ को गिरफ्तार किया।
### इंटरनेट से तस्वीरें लेकर बनाता था फर्जी पहचान
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ और मोबाइल फोन की जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर इंटरनेट से तस्वीरें लेकर लड़की की पहचान के साथ सोशल मीडिया पर लोगों से संपर्क करता था। पुलिस के अनुसार, वह आपत्तिजनक वीडियो के स्क्रीनशॉट भेजकर लोगों को आकर्षित करता और फिर वीडियो कॉलिंग या अन्य सामग्री उपलब्ध कराने के नाम पर रुपये मांगता था।
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ लोगों से पैसे लेने के बाद उन्हें वादा की गई सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जाती थी। इसके अलावा मोबाइल रिचार्ज कराने के बहाने धनराशि लेने की बात भी प्रारंभिक जांच में सामने आई है।
### टेलीग्राम और स्नैपचैट का इस्तेमाल
पुलिस के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर स्नैपचैट सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी पहचान के जरिए लोगों से संपर्क करता था। इसके बाद टेलीग्राम के माध्यम से बातचीत कर रुपये वसूलने की गतिविधियां सामने आई हैं।
मोबाइल फोन की प्रारंभिक डिजिटल जांच में संदिग्ध चैट, आपत्तिजनक फोटो-वीडियो और विभिन्न ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। पुलिस इनकी विस्तृत जांच कर रही है, ताकि कथित साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
### बैंक खाते में 4.34 लाख रुपये के लेन-देन की जांच
पुलिस ने आरोपी की बैंकिंग हिस्ट्री का प्रारंभिक अवलोकन किया। इसके अनुसार, 1 जनवरी से 22 अक्टूबर 2026 के बीच उसके खाते में कई छोटे-छोटे क्रेडिट ट्रांजेक्शन दर्ज हुए। इनकी राशि 20 रुपये से लेकर 500 रुपये तक बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, इस अवधि में खाते में कुल करीब 4 लाख 34 हजार रुपये की धनराशि जमा होने के तथ्य सामने आए हैं। हालांकि, इन लेन-देन का वास्तविक स्रोत और कथित साइबर ठगी से उनका संबंध अभी जांच का विषय है।
### दो मोबाइल फोन और नकदी बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने दो मोबाइल फोन और 2,210 रुपये नकद बरामद किए हैं। इस मामले में जीयनपुर थाने में मुकदमा संख्या 0446/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2), 318(4), 294 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67ए और 67बी के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस मोबाइल फोन, सोशल मीडिया खातों, टेलीग्राम गतिविधियों और बैंकिंग रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस कथित गतिविधि में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं और कितने लोग इसके शिकार हुए हैं।
फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

















