Home आवाज़ न्यूज़ उत्तरकाशी: धराली आपदा के 14 महीने बाद मलबे में दबे ऐतिहासिक कल्प...

उत्तरकाशी: धराली आपदा के 14 महीने बाद मलबे में दबे ऐतिहासिक कल्प केदार मंदिर की तलाश शुरू, 100 साल बाद फिर हो रही खुदाई

0
🔊 खबर सुनें

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले स्थित धराली गांव में पिछले साल अगस्त में आई विनाशकारी आपदा के कारण मलबे में दबे प्राचीन कल्प केदार मंदिर की तलाश एक बार फिर शुरू हो गई है। करीब 14 महीने बाद, नवरात्रि के पावन अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों ने अपने आराध्य समेश्वर देवता की देवडोली के सानिध्य और आदेश पर विधिवत पूजा-अर्चना व हवन के बाद इस ऐतिहासिक मंदिर को मलबे से बाहर निकालने के लिए खुदाई का काम प्रारंभ कर दिया है।

कल्प केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेश पंवार और सदस्य संजय पंवार के अनुसार, इतिहास में यह चौथी बार है जब इस प्राचीन शिव मंदिर को मलबे से ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय बुजुर्गों के हवाले से बताया गया है कि सबसे पहले 1803 की प्रलयंकारी बाढ़ में यह पूरा मंदिर समूह (जिसमें करीब 204 छोटे-बड़े मंदिर थे) बह गया था।

इसके दशकों बाद 1887 में यहां केवल तीन मंदिर नजर आए थे। वहीं, वर्ष 1926 में आई एक अन्य भयंकर आपदा में मुख्य कल्प केदार मंदिर आधा मलबे में दब गया था, जिसे उस समय भी ग्रामीणों ने ही खुदाई कर बाहर निकाला था। अब करीब एक सदी (100 साल) बाद, पिछले साल की आपदा में यह पवित्र मंदिर मलबे में लगभग 25 फीट नीचे पूरी तरह से दफन हो गया है, जिसे अब बाहर निकालने की कवायद शुरू की गई है।

वर्तमान में स्थानीय लोग अपने सीमित संसाधनों के साथ देवता के आदेश पर यह खुदाई कर रहे हैं। हालांकि, प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मंदिर के जीर्णोद्धार की घोषणा की है। इसे लेकर जल्द ही मंदिर समिति और ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल देहरादून में मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाला है।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि सरकारी स्तर पर जल्द मदद मिलने से खुदाई और पुनर्निर्माण के कार्य में तेजी आएगी और सदियों पुराना कल्प केदार महादेव का यह मंदिर एक बार फिर अपने भक्तों के लिए खुल सकेगा।

The post उत्तरकाशी: धराली आपदा के 14 महीने बाद मलबे में दबे ऐतिहासिक कल्प केदार मंदिर की तलाश शुरू, 100 साल बाद फिर हो रही खुदाई appeared first on Live Today | लाइव टुडे.

विज्ञापन
aawaz news india
aawaznews
aawaz news

📰 आवाज़ न्यूज़ को Google पर अपना पसंदीदा (Preferred) समाचार स्रोत बनाएं

एक क्लिक में जुड़ें और हर बड़ी खबर सबसे पहले पाएं

Previous articleदिल्ली में इंडिया गठबंधन का ‘सुप्रीम’ मार्च: चुनाव आयोग में कथित धांधली के खिलाफ सड़क पर उतरा विपक्ष
नीरज यादव स्वतंत्र आवाज़ न्यूज़ के संस्थापक , संपादक हैं । वह डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म आवाज़ न्यूज़ के लिए निष्पक्ष और जमीर वाली पत्रकारिता के सृजन में अपना सहयोग कर रहे हैं ।