जौनपुर। तीन लाख रुपये से अधिक की कथित लूट के मामले में फरार चल रहे सुरेरी थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह ने सोमवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। इस मामले में एसआईटी की जांच के बाद सुरेरी थाने के दो आरक्षियों समेत तीन लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। फरार थानाध्यक्ष की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही थी और उन पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
बताया जा रहा है कि दोनों पीड़ितों ने कुल मिलाकर तीन लाख रुपये से अधिक की लूट का आरोप लगाया था। मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर जलालपुर और सुरेरी थानों में मुकदमा दर्ज किया गया था।
आरोप है कि पीड़ितों को सुरेरी थाने ले जाया गया था, जहां थाना परिसर में ही कथित तौर पर लूट की घटना को अंजाम दिया गया। इस मामले में कुछ पुलिसकर्मियों की संलिप्तता के आरोप भी लगाए गए थे।
डीआईजी वैभव कृष्ण ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की थी। एसआईटी ने 24 घंटे के भीतर जांच पूरी कर कार्रवाई शुरू की। इसके बाद सुरेरी थाने के दो आरक्षियों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।
मामले में सुरेरी के तत्कालीन थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह फरार चल रहे थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। उन पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
फिलहाल सोमवार को दिव्य प्रकाश सिंह ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।








