✍️ नागेंद्र माली पत्रकार आवाज न्यूज़
जौनपुर : बारिश में भी जियो-मनरेगा पर 250 मजदूरों की हाजिरी, मौके पर नहीं दिखा काम
बंधा, तालाब खोदाई, नाला और खड़ंजा, सीसी रोड निर्माण में काम दिखाकर
खुटहन : बुधवार की रात से हो रही लगातार बारिश के बीच खुटहन विकासखंड के 17 गांवों में जियो-मनरेगा पोर्टल पर को 250 मजदूरों के काम करने की उपस्थिति दर्ज दिखाई गई। सीसी रोड बंधा, तालाब खोदाई, स्मार्ट खड़ंजा, कच्चा नाला और पक्की नाली सहित विभिन्न कार्यों पर मजदूरों की हाजिरी दर्ज है। हालांकि, क्षेत्र में की गई पड़ताल के दौरान अधिकांश स्थानों पर मजदूर काम करते नहीं दिखाई दिए। इससे मनरेगा कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पोर्टल पर बद्दोपुर गांव में सर्वाधिक 49 मजदूर, बडनपुर में 15 मजदूर, अशरफगढ़ में 20 मजदूर, बनुआडीह में 6 मजदूर, दरना में 5 मजदूर, फतेहगढ़ में 32 मजदूर, कबीरुद्दीनपुर में 13 मजदूर, खलसापट्टी में 4 मजदूर, मलूकपुर में 12 मजदूर, मोलनापुर गांव में 21 मजदूर, खानपुर में 12, मुबारकपुर में 14 , नदौली गांव 19 मजदूर, नगहटी। गांव में 1 मजदूर, नगवा गांव में 22 मजदूर , ताजपुर में 7 मजदूर , टिकरी खुर्द में 10 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज
है।वैसे भी तेज बारिश के दौरान मिट्टी की खोदाई और नाला निर्माण सीसी रोड जैसे कार्यों का नियमित रूप से चल पाना मुश्किल है। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में मजदूरों की हाजिरी दर्ज होना जांच का विषय है।
मनरेगा में निर्धारित 300 रुपये प्रतिमजदूर की दर से 250 मजदूरों की एक दिन की मजदूरी 75000 रुपये बनती है। उच्चाधिकारियों के द्वारा मामले की स्थलीय जांच कराकर यदि अनियमितता के जिम्मेदारों पर कार्रवाई करनी चाहिए। इस संबंध में एपीओ मनीष सिंह बात की गई तो उन्होंने बताया कि जानकारी में मास्टर रोल शून्य कर दिया जाएगा।








