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khuthan News चकमार्ग कब्जामुक्त होने के दो साल बाद भी निर्माण नहीं, बारिश में पानी में डूबा रास्ता

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जौनपुर। खुटहन ब्लॉक के ग्राम सौरईया में चकमार्ग संख्या 543/1 को लेकर ग्रामीणों की परेशानी एक बार फिर सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व अभिलेखों में दर्ज रास्ते को कब्जामुक्त कराए जाने और पैमाइश-सीमांकन के बावजूद अब तक उसका स्थायी निर्माण नहीं कराया गया। बारिश के दिनों में चकमार्ग पानी और कीचड़ से भर जाने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

शिकायतकर्ता उर्मिला पत्नी बसंत लाल कनौजिया के अनुसार, चकमार्ग पर कथित कब्जे के कारण ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित था। स्थानीय स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई न होने पर उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई/IGRS पोर्टल पर शिकायत की थी। शिकायत जिलाधिकारी के संज्ञान में पहुंचने के बाद संबंधित अधिकारियों को मौके पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

बताया गया कि 20 सितंबर 2024 को चकमार्ग संख्या 543/1 को कब्जामुक्त कराया गया था। इसके बाद ग्राम प्रधान की ओर से रास्ते पर मिट्टी पटाई और खड़ंजा/निर्माण कराने का आश्वासन दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इसके बावजूद रास्ते का स्थायी निर्माण नहीं हो सका।

ग्रामीणों के मुताबिक चकमार्ग की पैमाइश और सीमांकन के लिए लेखपाल, सहायक चकबंदी अधिकारी और कानूनगो से भी संपर्क किया गया तथा मौके पर कार्रवाई की गई। इसके बाद भी निर्माण कार्य लंबित है।

वर्तमान में बारिश के कारण रास्ते पर पानी और कीचड़ जमा होने से लोगों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से चकमार्ग की मौके पर दोबारा जांच कराकर तत्काल मिट्टी पटाई एवं स्थायी निर्माण कराने, निर्माण में लापरवाही की जांच करने तथा भविष्य में दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए रास्ते को राजस्व अभिलेखों के अनुसार सुरक्षित कराने की मांग की है।

मामले में लगाए गए कब्जे, दबाव अथवा निर्माण में लापरवाही से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।

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नीरज
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नीरज यादव स्वतंत्र आवाज़ न्यूज़ के संस्थापक , संपादक हैं । वह डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म आवाज़ न्यूज़ के लिए निष्पक्ष और जमीर वाली पत्रकारिता के सृजन में अपना सहयोग कर रहे हैं ।