✍️ नागेंद्र माली आवाज न्यूज़
*प्रयागराज।* इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राशन कार्ड धारकों के अधिकारों को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि बिना नोटिस दिए किसी भी व्यक्ति का राशन कार्ड निरस्त करना अवैध है।
यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने शामली निवासी कलम सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
याचिका में बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद बिना किसी पूर्व सूचना के उनका पात्र गृहस्थी राशन कार्ड निरस्त कर दिया गया, जिससे परिवार के सामने खाद्यान्न का संकट खड़ा हो गया।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि किसी भी व्यक्ति का राशन कार्ड निरस्त करने से पहले उसे नोटिस देना और अपना पक्ष रखने का अवसर देना अनिवार्य है। ऐसा किए बिना की गई कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।
इसी आधार पर अदालत ने राशन कार्ड निरस्तीकरण का आदेश रद्द करते हुए याची का पात्र गृहस्थी राशन कार्ड तत्काल प्रभाव से बहाल करने तथा उसका नवीनीकरण जारी रखने का निर्देश दिया है।
बिना नोटिस राशन कार्ड निरस्त करना अवैध, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला*
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