Nagendra Mali
जौनपुर जिले के बदलापुर नगर स्थित श्री ईश्वरी नारायण संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में लंबे समय से चल रहे विवाद पर आखिरकार गाज गिर ही गई। वाराणसी मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) ने विद्यालय के निलंबित चल रहे प्रधानाचार्य लक्ष्मीकांत मिश्रा के निलंबन का न केवल औपचारिक अनुमोदन कर दिया है, बल्कि उनके द्वारा विभागीय नियमों के विपरीत जाकर उठाए गए प्रधानाचार्य पद के अतिरिक्त वेतन की रिकवरी के भी आदेश दिए हैं। इस कड़े फैसले से जिले के शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है।
आधिकारिक आदेश के अनुसार, आरोपी लक्ष्मीकांत मिश्रा मूल रूप से सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे, लेकिन उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर अनियमित तरीके से प्रधानाचार्य पद का वेतन प्राप्त किया। मामले की जांच के बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) जौनपुर को एक पत्र भेजकर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
जुलाई 2008 से सितंबर 2025 तक का हिसाब–
जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि लक्ष्मीकांत मिश्रा द्वारा जुलाई वर्ष 2008 से लेकर सितंबर वर्ष 2025 तक, विभागीय नियमों के विपरीत प्रधानाचार्य पद का वेतन लिया गया है। अब इस पूरी अवधि के दौरान उन्हें मिले प्रधानाचार्य पद के वेतन में से सहायक अध्यापक पद के वास्तविक वेतन को काटकर, शेष बची हुई पूरी भारी-भरकम धनराशि की सरकारी खजाने में वापसी (वसूली) कराई जाएगी।
निश्चित समयावधि में रिपोर्ट तलब–
संयुक्त शिक्षा निदेशक ने जिला विद्यालय निरीक्षक को कड़े लहजे में निर्देशित किया है कि एक निश्चित समय सीमा के भीतर इस पूरी धनराशि की रिकवरी की जाए और विभागीय नियमों के तहत रिकवरी चालान की प्रति कार्यालय को उपलब्ध कराकर अवगत कराया जाए।
सूत्रों के मुताबिक, इस ऐतिहासिक कार्रवाई और करोड़ों रुपये के संभावित रिकवरी आदेश के बाद से बदलापुर क्षेत्र समेत पूरे जौनपुर जनपद के फर्जीवाड़ा करने वाले तत्वों में हड़कंप व्याप्त है।









