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पत्थर गड्डी में पारदर्शिता के दावों पर उठे सवाल, किसान परिवार ने लगाया रिश्वत मांगने का आरोप

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नागेन्द्र माली (आवाज न्यूज़)

बदलापुर, जौनपुर। तहसील प्रशासन द्वारा पत्थर गड्डी एवं जियो टैगिंग के माध्यम से भूमि सीमांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का दावा किया जा रहा है। इसी क्रम में उपजिलाधिकारी बदलापुर शिवप्रताप एवं तहसीलदार योगेंद्र पांडेय के नेतृत्व में राजस्व टीम द्वारा ग्राम जगदीशपुर, बड़ेरी, कोइरीपुर एवं अंगराह में न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में पत्थर गड्डी और जियो टैगिंग की कार्रवाई कराई जा रही है।

एसडीएम शिवप्रताप ने राजस्व निरीक्षकों एवं लेखपालों को निर्देश दिया है कि पत्थर गड्डी से संबंधित लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से निस्तारण किया जाए तथा प्रत्येक दिन की प्रगति रिपोर्ट जियो टैगिंग एवं फोटोग्राफ के साथ प्रस्तुत की जाए। उन्होंने जनता से भी अपील की है कि अपनी समस्याएं सीधे जनता दर्शन में प्रस्तुत करें, जिनका निष्पक्ष निस्तारण कराया जाएगा।

वहीं दूसरी ओर तहसील क्षेत्र के ग्राम भटेहरा निवासी किसान स्वर्गीय शारदा प्रसाद के परिजनों ने प्रशासनिक दावों पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि उनकी भूमि से संबंधित पत्थर गड्डी एवं पैमाइश का आदेश लगभग सात वर्ष पूर्व पारित हुआ था, लेकिन आज तक उसका क्रियान्वयन नहीं हो सका। आरोप है कि न्याय के लिए लगातार तहसील के चक्कर लगाने के दौरान किसान शारदा प्रसाद का निधन हो गया, फिर भी मामले का निस्तारण नहीं हुआ।

परिवार ने संबंधित राजस्व अधिकारियों पर पैमाइश के लिए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है।

अब सवाल यह उठ रहा है कि जब प्रशासन पारदर्शिता और त्वरित निस्तारण का दावा कर रहा है, तब वर्षों से लंबित मामलों का समाधान कब होगा और किसानों को न्याय कब मिलेगा। क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

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