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रामनवमी से पहले जुलूस के दौरान गानों को लेकर झड़प

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झारखंड के हजारीबाग में रामनवमी उत्सव के तहत मंगला जुलूस के दौरान दो समूहों के बीच हाथापाई और पथराव हुआ।

झारखंड के हजारीबाग में मंगलवार रात रामनवमी से पहले आयोजित मंगला जुलूस के दौरान दो समूहों के बीच झड़प हो गई। घटना तब हुई जब जुलूस का नेतृत्व कर रहे समूह ने कुछ गाने बजाए, जिस पर दूसरे समूह ने आपत्ति जताई।

इस मुद्दे पर तीखी नोकझोंक हुई, जो जल्द ही हजारीबाग के झंडा चौक पर हाथापाई और पथराव में बदल गई। पुलिस ने स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई की, लाठीचार्ज किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवा में चार राउंड फायरिंग भी की।

परंपरा के अनुसार होली के बाद हर मंगलवार को रामनवमी तक मंगला जुलूस निकाला जाता है। इस साल रामनवमी 6 अप्रैल को है। मंगलवार को विभिन्न अखाड़ों ने मंगला जुलूस में हिस्सा लिया।

कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

हजारीबाग की डिप्टी कमिश्नर नैन्सी सहाय ने कहा कि स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है तथा मौके पर पर्याप्त बल तैनात कर दिया गया है।

सहाय ने कहा, “जुलूस के दौरान एक समूह कुछ गाने बजा रहा था, जिस पर दूसरे समूह ने आपत्ति जताई, जिसके परिणामस्वरूप हाथापाई और पथराव हुआ। लेकिन यह स्थिति नहीं बढ़ी क्योंकि वहां तैनात बलों ने स्थिति पर नियंत्रण कर लिया।”

केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद संजय सेठ ने इस घटना को लेकर हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा और कहा कि झारखंड में हिंसा एक आम बात हो गई है।

मंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था को बाधित करने के लिए बांग्लादेशी घुसपैठिए जिम्मेदार हैं – यह मुद्दा गृह मंत्री अमित शाह ने विधानसभा चुनावों के दौरान उठाया था।

एएनआई ने सेठ के हवाले से कहा, “सरस्वती पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन के दौरान हिंसा भड़कती है। रामनवमी, होली और शिव बारात के दौरान हिंसा भड़कती है। वे लोग कौन हैं जो शांति को प्रभावित करना चाहते हैं? देश में कहीं भी हिंसा नहीं होती। यह झारखंड में होती है। क्यों? क्योंकि बांग्लादेशी घुसपैठिए जनसांख्यिकी और कानून व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं।”

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नीरज यादव स्वतंत्र आवाज़ न्यूज़ के संस्थापक , संपादक हैं । वह डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म आवाज़ न्यूज़ के लिए निष्पक्ष और जमीर वाली पत्रकारिता के सृजन में अपना सहयोग कर रहे हैं ।