Home आवाज़ न्यूज़ दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से मिली...

दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

0
🔊 खबर सुनें

सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को जमानत दे दी, लेकिन आबकारी नीति मामले में सीबीआई द्वारा उनकी गिरफ्तारी को रद्द करने पर मतभेद जताया। आप प्रमुख को 26 जून को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरफ्तार किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली आबकारी नीति ‘घोटाले’ में आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को 10 लाख रुपये के जमानत बांड और दो जमानतदारों पर जमानत दे दी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने सीएम को मामले की मेरिट पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करने का निर्देश दिया। केजरीवाल की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “जांच के उद्देश्य से किसी ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार करने में कोई बाधा नहीं है जो पहले से ही किसी अन्य मामले में हिरासत में है।”

यह मामला दिल्ली सरकार की 2021-22 की आबकारी नीति के निर्माण और क्रियान्वयन में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है, जिसे अब रद्द कर दिया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित आबकारी नीति ‘घोटाले’ से जुड़ा एक अलग मनी लॉन्ड्रिंग मामला भी दर्ज किया है। सीबीआई और ईडी के अनुसार, आबकारी नीति में संशोधन करते समय अनियमितताएं की गईं और लाइसेंस धारकों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। 12 जुलाई को शीर्ष अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी थी।

फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि सीबीआई की गिरफ्तारी, प्रवर्तन निदेशालय के मामले में जमानत को निरर्थक बनाने का एक उपाय मात्र है। उन्होंने कहा कि सीबीआई को पिंजरे में बंद तोता होने की धारणा को दूर करना चाहिए। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय के मामले में जमानत की उस शर्त पर आपत्ति भी व्यक्त की, जिसके तहत केजरीवाल को मुख्यमंत्री सचिवालय जाने या फाइलों पर हस्ताक्षर करने से रोका गया है।

उच्च न्यायालय ने कहा था कि सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी के बाद प्रासंगिक साक्ष्य एकत्र करने के बाद केजरीवाल के खिलाफ सबूतों का चक्र बंद हो गया है और यह नहीं कहा जा सकता कि यह बिना किसी उचित कारण के या अवैध था। उच्च न्यायालय ने उन्हें मामले में जमानत के लिए अपनी याचिका के साथ निचली अदालत में जाने की भी स्वतंत्रता दी थी।

शीर्ष अदालत ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत “गिरफ्तारी की आवश्यकता और अनिवार्यता” के पहलू पर तीन सवालों पर गहन विचार के लिए मामले को एक बड़ी पीठ, अधिमानतः पांच न्यायाधीशों की पीठ को भेजा था। ईडी ने 21 मार्च को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केजरीवाल को गिरफ्तार किया था।

भ्रष्टाचार के मामले में केजरीवाल की याचिका पर 5 सितंबर को बहस के दौरान, मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई की इस दलील का जोरदार विरोध किया था कि उन्हें भ्रष्टाचार के मामले में जमानत के लिए पहले ट्रायल कोर्ट जाना चाहिए था। केजरीवाल की दलीलों की स्वीकार्यता पर सवाल उठाते हुए सीबीआई की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा था कि मनी लॉन्ड्रिंग के जिस मामले में उन्होंने ईडी द्वारा अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी, उसमें भी उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट में वापस भेज दिया था।

The post दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत appeared first on Live Today | Hindi News Channel.

विज्ञापन
aawaz news india
aawaznews
aawaz news

📰 आवाज़ न्यूज़ को Google पर अपना पसंदीदा (Preferred) समाचार स्रोत बनाएं

एक क्लिक में जुड़ें और हर बड़ी खबर सबसे पहले पाएं

Previous articleकेंद्र ने उत्तर प्रदेश के 5 नए मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस कार्यक्रमों को दी मंजूरी
Next articleसुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली के सीएम को जमानत दिए जाने पर आप ने दी प्रतिक्रिया, कहा ये
नीरज यादव स्वतंत्र आवाज़ न्यूज़ के संस्थापक , संपादक हैं । वह डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म आवाज़ न्यूज़ के लिए निष्पक्ष और जमीर वाली पत्रकारिता के सृजन में अपना सहयोग कर रहे हैं ।