Home आवाज़ न्यूज़ कांवड़ यात्रा: उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं...

कांवड़ यात्रा: उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी

0
🔊 खबर सुनें

कांवड़ यात्रा के दौरान भोजनालय विवाद: इस सप्ताह के प्रारंभ में मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा जारी आदेश की विपक्षी दलों और केंद्र में सत्तारूढ़ एनडीए के कुछ सदस्यों ने आलोचना की है, जिनका कहना है कि यह आदेश मुस्लिम व्यापारियों को निशाना बनाता है।

उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई शुरू कर दी है, जिसके तहत कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित भोजनालयों को मालिकों के नाम प्रदर्शित करने होंगे। याचिकाकर्ताओं के वकील ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि यह चिंताजनक स्थिति है, जहां पुलिस अधिकारी विभाजन पैदा करने का बीड़ा उठा रहे हैं। याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा, “अल्पसंख्यकों की पहचान करके उन्हें आर्थिक रूप से बहिष्कृत कर दिया जाएगा। यूपी और उत्तराखंड के अलावा दो और राज्य इसमें शामिल हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि क्या यह प्रेस स्टेटमेंट था या औपचारिक आदेश था कि इन्हें प्रदर्शित किया जाना चाहिए?”

याचिकाकर्ताओं के वकील ने जवाब दिया कि पहले प्रेस स्टेटमेंट आया था और फिर लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने कहा कि यह स्वैच्छिक है लेकिन वे इसे सख्ती से लागू कर रहे हैं। वकील ने कहा कि कोई औपचारिक आदेश नहीं है लेकिन पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यह एक दिखावटी आदेश है।

याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता सीयू सिंह ने कहा कि अधिकांश लोग बहुत गरीब सब्जी और चाय की दुकान चलाने वाले हैं और इस तरह के आर्थिक बहिष्कार के कारण उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो जाएगी। उन्होंने कहा, “हमें नियमों का पालन न करने पर बुलडोजर की कार्रवाई का सामना करना पड़ा है।”

सुप्रीम कोर्ट ने सिंघवी से कहा कि हमें स्थिति को इस तरह से नहीं बताना चाहिए कि यह जमीनी हकीकत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश की जाए। इन आदेशों में सुरक्षा और स्वच्छता के आयाम भी शामिल हैं। सिंघवी ने कहा कि कांवड़ यात्रा दशकों से होती आ रही है और मुस्लिम, ईसाई और बौद्ध समेत सभी धर्मों के लोग उनकी यात्रा में मदद करते हैं। अब आप उन्हें बाहर कर रहे हैं।

सिंघवी ने कहा कि हिंदुओं द्वारा चलाए जाने वाले बहुत से शुद्ध शाकाहारी रेस्टोरेंट हैं और उनमें मुस्लिम कर्मचारी भी हो सकते हैं, क्या मैं यह कह सकता हूं कि मैं वहां नहीं जाऊंगा और खाना नहीं खाऊंगा क्योंकि वहां का खाना किसी तरह से मुस्लिमों या दलितों द्वारा छुआ गया है? सिंघवी ने कहा कि निर्देश में कहा गया है कि “स्वेच्छा से” लेकिन स्वेच्छा कहां है? अगर मैं बताऊं तो मैं दोषी हूं और अगर नहीं बताऊं तो भी मैं दोषी हूं।

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि क्या कांवड़िये भी यह उम्मीद करते हैं कि भोजन किसी खास वर्ग के मालिक द्वारा पकाया जाए?

The post कांवड़ यात्रा: उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी appeared first on Live Today | Hindi News Channel.

विज्ञापन
aawaz news india
aawaznews
aawaz news

📰 आवाज़ न्यूज़ को Google पर अपना पसंदीदा (Preferred) समाचार स्रोत बनाएं

एक क्लिक में जुड़ें और हर बड़ी खबर सबसे पहले पाएं

Previous articleलखीमपुर खीरी हिंसा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा को दी जमानत, दिया ये बड़ा आदेश
Next articleकांवड़ यात्रा: सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार के आदेश पर लगाई अंतरिम रोक, कही बड़ी बात
नीरज यादव स्वतंत्र आवाज़ न्यूज़ के संस्थापक , संपादक हैं । वह डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म आवाज़ न्यूज़ के लिए निष्पक्ष और जमीर वाली पत्रकारिता के सृजन में अपना सहयोग कर रहे हैं ।