जौनपुर। जनपद में छात्राओं द्वारा आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हाल ही में एक और चौंकाने वाली घटना पूर्वांचल विश्वविद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल में सामने आई, जहां एमएससी बायोटेक की छात्रा शिवांगी मिश्रा (23) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका कोतवालपुर, थाना जलालपुर की निवासी थी।
गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा का शव पंखे से लटका मिला
मंगलवार रात करीब 9:30 बजे शिवांगी मिश्रा ने हॉस्टल के कमरे में पंखे से लटककर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। जब उसकी सहेलियों को शंका हुई तो उन्होंने दरवाजा तोड़ा। अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। तत्काल छात्रा को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का गुस्सा, प्रशासन पर उठे सवाल
सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी जाहिर की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
लगातार बढ़ रहे आत्महत्या के मामले
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही शकुंतला फार्मेसी कॉलेज की डी.फार्मा की छात्रा ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर छात्राओं पर किस तरह का मानसिक दबाव है? क्या यह पढ़ाई का प्रेशर है या कुछ और? प्रशासन को इस गंभीर समस्या की जड़ तक पहुंचने की जरूरत है।
छात्राओं की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर उठे सवाल
इस तरह की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर प्रशासन को ठोस कदम उठाने की जरूरत है। कॉलेज और विश्वविद्यालयों को काउंसलिंग और हेल्पलाइन सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए ताकि छात्राओं को तनाव से उबरने में मदद मिल सके।
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