Home आवाज़ न्यूज़ बड़ी खबर:यूपी के 75 SP फोन नहीं उठाते, 72 DM का भी...

बड़ी खबर:यूपी के 75 SP फोन नहीं उठाते, 72 DM का भी यही हाल; मुरादाबाद SSP के PA ने पूछा—‘सोर्स – वोर्स लगवाया है?’*

0
1000890354-7-1
🔊 खबर सुनें

✍️ नागेंद्र माली पत्रकार आवाज न्यूज़
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जिलास्तर के आला अधिकारियों के सरकारी मोबाइल नंबर जनता की समस्याओं के समाधान के लिए जारी किए गए हैं, लेकिन दैनिक भास्कर की पड़ताल में इन नंबरों की स्थिति चौंकाने वाली सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, 75 जिलों के DM को दिन में तीन अलग-अलग समय पर फोन किया गया। इनमें 72 जिलों में DM से सीधे बात नहीं हो सकी। केवल तीन जिलाधिकारियों ने खुद फोन उठाकर समस्या सुनी।

भास्कर के दो रिपोर्टरों ने करीब 7 दिन तक DM और SSP/SP के सरकारी नंबरों पर फोन किया। अधिकारियों के व्यस्त होने की संभावना को देखते हुए सुबह करीब 11 बजे, दोपहर 3 बजे और शाम 6 बजे कॉल की गई।

*72 DM से नहीं हुई सीधे बात-*

रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकांश जिलों में फोन PRO या स्टेनो ने उठाया। कई जगह बताया गया कि DM मीटिंग या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में व्यस्त हैं। कुछ जगह अधिकारियों से मिलने के लिए तहसील/SDM कार्यालय जाने या लिखित शिकायत देने को कहा गया।

कुछ जिलों में सरकारी नंबर बंद या नेटवर्क से बाहर मिले। कई जिलों में फोन लगातार बजता रहा लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।
इटावा के DM शुभ्रांत कुमार शुक्ला, लखीमपुर खीरी के DM अंजनी कुमार सिंह ने खुद फोन उठाया। औरैया में DM की जगह ADM ने फोन उठाकर सहायता की बात कही। रिपोर्ट में इन्हें उन चुनिंदा अधिकारियों में बताया गया जिन्होंने सीधे जनता की कॉल पर बात की।

*SSP-SP की स्थिति और भी गंभीर*

पुलिस कप्तानों के मामले में रिपोर्ट के मुताबिक 68 जिलों के SSP/SP और 7 पुलिस कमिश्नरों, यानी कुल 75 पुलिस जिलों के सरकारी नंबरों पर कॉल की गई, लेकिन एक भी कप्तान से सीधे फोन पर बातचीत नहीं हो सकी।

*16 जिलों—लखनऊ, गाजियाबाद, बागपत, बलिया, बाराबंकी, बिजनौर, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, झांसी, कन्नौज, कानपुर देहात, महोबा, मऊ, सहारनपुर और श्रावस्ती—में फोन रिसीव ही नहीं हुआ*

महराजगंज और सोनभद्र में बाद में पुलिस कार्यालय से कॉल बैक आया, लेकिन वहां भी PRO ने ही बातचीत की और बताया कि साहब व्यस्त हैं।

*मुरादाबाद में पूछा गया—‘सोर्स-वोर्स लगवाया है?’*

पड़ताल का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा मुरादाबाद का बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, SSP के PRO ने सीधे पूछा—
“आप कोई अधिकारी हैं? आपने साहब से बात करने के लिए किसी से फोन कराया है या नहीं?”
इसके बाद कथित तौर पर कहा गया कि “हमारे साहब ऐसे किसी से बात नहीं करते।”

कुशीनगर में भी PRO ने कहा—साहब फोन पर बात नहीं करते
कुशीनगर के SP केशव कुमार के PRO महेंद्र प्रजापति के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्होंने बताया कि SP फोन पर बात नहीं करते। समस्या बताने के लिए सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक जनसुनवाई में आने को कहा गया।

*सरकारी नंबर अपने पास रखना अनिवार्य -*

रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवंबर 2020 में निर्देश दिए थे कि DM, SP और SSP अपने सरकारी मोबाइल/CUG नंबर अपने पास रखें और जनता की कॉल खुद रिसीव करें। सरकारी मोबाइल को PA, PRO, गनर या किसी अधीनस्थ कर्मचारी को देने पर रोक की बात कही गई थी।

इसके बाद 15 मार्च 2021 को तत्कालीन DGP हितेश चंद्र अवस्थी ने भी पुलिस अधिकारियों को सरकारी नंबर अपने पास रखने संबंधी निर्देश जारी किए थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कॉल न उठाने या कॉल बैक न करने को अनुशासनहीनता और जनसमस्याओं की अनदेखी माना जा सकता है।

CUG पर करोड़ों रुपये खर्च
पड़ताल में यह भी सामने आया कि प्रदेश पुलिस के पास लगभग 25 हजार CUG SIM हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन्हें चालू रखने और डेटा रिचार्ज आदि के लिए 2026-27 के बजट में करीब 9 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

*सबसे बड़ा सवाल –*

जब जनता के लिए जारी सरकारी नंबर पर ही अधिकारी उपलब्ध नहीं हैं और कॉल PRO/PA तक सीमित हो जाती है, तो आम व्यक्ति अपनी तत्काल समस्या सीधे जिले के सबसे बड़े प्रशासनिक या पुलिस अधिकारी तक कैसे पहुंचाए?

विज्ञापन
aawaz news india
aawaznews
aawaz news

📰 आवाज़ न्यूज़ को Google पर अपना पसंदीदा (Preferred) समाचार स्रोत बनाएं

एक क्लिक में जुड़ें और हर बड़ी खबर सबसे पहले पाएं

Previous articleजौनपुर: 50 हजार की कथित घूस के लिए पांच ट्रकों का रजिस्ट्रेशन रोका! एआरटीओ कार्यालय के बाहर ट्रक खड़े कर मालिक ने मचाया हड़कंप
Next articleयोगी आदित्यनाथ सरकार ने यूपी चुनाव से पहले अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट मुहैया कराई

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here