जौनपुर। केराकत कोतवाली क्षेत्र के खटहरा गांव में रविवार रात दुर्गा पूजा पंडाल में आरती के दौरान करंट की चपेट में आने से सात वर्षीय बालक की मौत हो गई। हादसे के बाद पूजा स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और परिवार में कोहराम छा गया। त्योहार की खुशियां देखते ही देखते मातम में बदल गईं।
मृतक की पहचान नीरज सरोज के सात वर्षीय बेटे रिव्यांश सरोज उर्फ कल्लू के रूप में हुई है। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
आरती के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, रविवार रात पंडाल में मां दुर्गा की आरती चल रही थी। इसी दौरान पंडाल में लगे लोहे के पाइप में करंट उतर आया और बालक उसकी चपेट में आ गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। बालक को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
पंडाल की व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद पूजा पंडालों में बिजली की सुरक्षित व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, केराकत के उपजिलाधिकारी ने बताया कि संबंधित पंडाल स्थापित करने के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी और बिजली कनेक्शन भी नहीं लिया गया था। इन परिस्थितियों की जांच के बाद ही लापरवाही की जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस ने की कार्रवाई
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परिजनों की सहमति से शव का अंतिम संस्कार कराया गया। घटना के संबंध में पुलिस जांच कर रही है।
एक परिवार ने खोया इकलौता बेटा
कल्लू की असमय मौत से परिवार गहरे सदमे में है। जिस घर में त्योहार की तैयारियां और खुशियां थीं, वहां अब मातम पसरा है। इस हादसे ने सार्वजनिक पूजा आयोजनों में बिजली के तारों, लोहे के पाइप और अन्य विद्युत उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत को फिर सामने ला दिया है।












