Home आवाज़ न्यूज़ उत्तराखंड: एसडीआरएफ ने भूस्खलन संभावित चिरबासा क्षेत्र से केदारनाथ मार्ग पर लगभग...

उत्तराखंड: एसडीआरएफ ने भूस्खलन संभावित चिरबासा क्षेत्र से केदारनाथ मार्ग पर लगभग 9,000 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाला

0
🔊 खबर सुनें

एसडीआरएफ कर्मियों ने भूस्खलन की आशंका वाले केदारनाथ पैदल मार्ग पर स्थित चिरबासा भूस्खलन क्षेत्र से लगभग 9,000 तीर्थयात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की। सोनप्रयाग पोस्ट की एसडीआरएफ टीम ने प्रभावित क्षेत्र का जिम्मा संभाला और भूस्खलन क्षेत्र से तीर्थयात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की। इस अभियान के दौरान लगभग 9,000 तीर्थयात्रियों को प्रभावित क्षेत्र से सुरक्षित निकाला गया। यह उल्लेखनीय है कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एसडीआरएफ कर्मी चिरबासा भूस्खलन क्षेत्र में लगातार राहत और बचाव अभियान चला रहे हैं।

चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों और प्रभावित मार्ग के बावजूद, एसडीआरएफ कर्मियों ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस बीच, उत्तरकाशी जिले के कालिंदी खाल ट्रेक पर फंसे सभी 19 ट्रैकर्स को मंगलवार को सुरक्षित बचा लिया गया था। एसडीआरएफ की टीमों ने चुनौतीपूर्ण मौसम की स्थिति और कठिन भूभाग के बावजूद अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया। एसडीआरएफ कमांडेंट अर्पण यदुवंशी के निर्देशन में चलाए गए बचाव अभियान में सभी पर्वतारोहियों को सुरक्षित रूप से हर्षिल लाया गया। एसडीआरएफ की विशेष उच्च-ऊंचाई बचाव टीम ने प्रारंभिक सर्वेक्षण किया और पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकाला।

The post उत्तराखंड: एसडीआरएफ ने भूस्खलन संभावित चिरबासा क्षेत्र से केदारनाथ मार्ग पर लगभग 9,000 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाला appeared first on Live Today | लाइव टुडे.

विज्ञापन
aawaz news india
aawaznews
aawaz news

📰 आवाज़ न्यूज़ को Google पर अपना पसंदीदा (Preferred) समाचार स्रोत बनाएं

एक क्लिक में जुड़ें और हर बड़ी खबर सबसे पहले पाएं

Previous articleऔरैया में पुरानी रंजिश को लेकर दबंगों का तांडव: दुकान में घुसकर की मारपीट, दो बाइकों को किया आग के हवाले
Next articleमंगलौर रिफाइनरी में विस्फोट से 8 लोग घायल, घटना से आसपास की इमारतें हिली
नीरज यादव स्वतंत्र आवाज़ न्यूज़ के संस्थापक , संपादक हैं । वह डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म आवाज़ न्यूज़ के लिए निष्पक्ष और जमीर वाली पत्रकारिता के सृजन में अपना सहयोग कर रहे हैं ।