इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच ने आरक्षण व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि यदि कोई आरक्षित वर्ग का उम्मीदवार सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों से अधिक अंक प्राप्त करता है तो उसे सिर्फ आरक्षित कट-ऑफ न होने के आधार पर मुख्य परीक्षा (मेन्स) से वंचित नहीं किया जा सकता।
न्यायालय ने इसे असंवैधानिक बताते हुए कहा कि ऐसा करना संविधान के अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 16(1) का उल्लंघन है। कोर्ट के अनुसार, योग्यता के बावजूद केवल तकनीकी नियमों के कारण प्रतिभावान छात्रों को अवसर से वंचित करना न्यायसंगत नहीं है।
इसके साथ ही अदालत ने स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी भर्ती परीक्षा के विवादित विज्ञापन और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के 9 जनवरी 2020 के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 26 मई को होगी।
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