आवाज़ न्यूज़ | संवाददाता – जौनपुर
स्थान: नईगंज, जौनपुर | तारीख: 4 अप्रैल 2025
जौनपुर के नईगंज इलाके में स्थित एक निजी अस्पताल में लापरवाही की हद पार हो गई। सड़क हादसे में घायल शुभम निषाद नामक युवक की मौत तीन दिन पहले हो चुकी थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन उसे ICU में भर्ती दिखाकर इलाज का नाटक करता रहा।
मौत के तीन दिन बाद दी गई परिजनों को जानकारी
जफराबाद निवासी शुभम निषाद करीब 10 दिन पहले सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुआ था। उसे नईगंज स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, शुभम की मौत इलाज के दौरान तीन दिन पहले ही हो चुकी थी, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें गुमराह करते हुए बताया कि “वह ICU में है और अभी जीवित है।”
जब तीन दिन बाद परिजनों को मौत की सूचना दी गई, तो पूरे परिवार में कोहराम मच गया।
अस्पताल में हंगामा, शव देने से भी किया इनकार
मौत की जानकारी मिलते ही दर्जनों की संख्या में परिजन, महिलाएं व पुरुष अस्पताल पहुंच गए और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल स्टाफ शव देने से भी इनकार कर रहा था। इस पर परिजनों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से शिकायत की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची, स्थिति को शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
यह मामला एक बार फिर जौनपुर के निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन लापरवाही के ऐसे मामले सामने आते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग किसी पर सख्त कार्रवाई नहीं करता। अस्पतालों में न तो पर्याप्त सुविधाएं हैं, न ही नियमानुसार प्रबंधन, फिर भी मरीजों से भारी भरकम फीस वसूली जाती है।