आवाज़ न्यूज़ | संवाददाता: आशीष पाण्डेय | जौनपुर
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में बड़े स्तर पर हुई वित्तीय अनियमितताओं और फर्जी भुगतानों का खुलासा हुआ है। केंद्र सरकार की जननी सुरक्षा योजना के तहत हुई गड़बड़ी को लेकर सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। इस कार्रवाई की जद में जौनपुर की वर्तमान मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. लक्ष्मी भी आ गई हैं। शासन ने उनकी तीन वेतन वृद्धियां स्थायी रूप से रोकने का आदेश जारी किया है।
डॉ. लक्ष्मी पर यह कार्रवाई उनके पूर्व कार्यकाल भदोही जिले (2017-2021) में सीएमओ रहते हुए हुई कथित गड़बड़ियों के कारण हुई है। आरोप है कि उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को अनियमित भुगतान कराया और चिकित्सकीय सामग्री की खरीद में भारी घपला किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा कराए गए ऑडिट में अनियमितता की पुष्टि होने के बाद जांच बैठाई गई, जिसमें यह भी सामने आया कि डॉ. लक्ष्मी ने जांच में सहयोग नहीं किया और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा,
“मनमानी और भ्रष्टाचार करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे स्थानांतरित हो चुके हों या सेवानिवृत्त। स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही से बचने की कोई जगह अब नहीं रहेगी।”
सरकार की इस कार्रवाई को स्वास्थ्य विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।