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हिमाचल में बारिश का तांडव: एम्बुलेंस खाई में गिरी, शिमला में गाड़ियां मलबे में दबीं, चंबा-कांगड़ा-कुल्लू में ऑरेंज अलर्ट

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हिमाचल प्रदेश में मानसून की भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने तबाही मचाई है। चंबा, कांगड़ा, और कुल्लू में 31 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि मंडी, शिमला, सोलन, और सिरमौर में येलो अलर्ट है।

शुक्रवार रात और शनिवार सुबह पांच जगहों पर बादल फटने की घटनाओं ने कई घरों, सेब बगीचों, और वाहनों को नुकसान पहुंचाया। मंडी में एक एम्बुलेंस खाई में गिरने से चालक घायल हो गया, और शिमला के विकासनगर में भूस्खलन से चार से पांच गाड़ियां मलबे में दब गईं।

मंडी में एम्बुलेंस हादसा

मंडी जिले के झलोगी के पास कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर रविवार सुबह एक एम्बुलेंस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। यह वाहन कुल्लू से मरीज को नेरचौक मेडिकल कॉलेज छोड़कर लौट रहा था। हादसे के समय इसमें कोई मरीज नहीं था। भारी बारिश से क्षतिग्रस्त सड़क पर संतुलन बिगड़ने से एम्बुलेंस खाई में लुढ़क गई, लेकिन ब्यास नदी में समाने से कुछ दूरी पर रुक गई। चालक घायल हो गया, जिसे स्थानीय लोगों और पुलिस ने निकालकर प्राथमिक उपचार दिलाया। रिकवरी वैन से एम्बुलेंस को बाहर निकाला गया, और हादसे के कारण फोरलेन पर कुछ समय के लिए जाम लग गया।

शिमला में भूस्खलन: गाड़ियां मलबे में दबीं

शनिवार रात से लगातार बारिश के कारण शिमला के विकासनगर में काली माता मंदिर के पास भारी भूस्खलन हुआ। इस दौरान मलबे में चार से पांच गाड़ियां दब गईं। स्थानीय लोगों ने मलबे को हटाने की कोशिश शुरू की, लेकिन भारी बारिश और मलबे की मात्रा ने बचाव कार्य को मुश्किल बना दिया। प्रशासन ने घटनास्थल पर राहत कार्य शुरू किए हैं।

बादल फटने से तबाही

  • कुल्लू: शुक्रवार रात हिड़व नाला और शरची नाला में बादल फटने से चार घर, एक मछली फार्म, दो मंदिर, छह घराट, और एक कार बह गई। बशला गांव में सेब बगीचों को भी भारी नुकसान हुआ।
  • रामपुर (शिमला): ज्यूरी के बधाल में बादल फटने से चार घर और बगीचे तबाह हो गए। धराली खड्ड में बाढ़ के कारण हाईवे का कलवर्ट बंद हो गया, जिससे पानी और मलबा रिहायशी इलाकों में घुस गया। एक पिता-पुत्र मलबे में दब गए, जिन्हें ग्रामीणों ने बचाया।
  • चंबा: चुराह में सतनाला पहाड़ी पर बादल फटने से बैरागढ़, देवीकोठी, टेपा, और सड़क मार्ग को जोड़ने वाली पांच पुलिया बह गईं। भरमौर-पठानकोट हाईवे रजेरा से आगे बंद है, और 20 किलोमीटर सड़क जमींदोज हो गई।

मणिमहेश यात्रा: हजारों श्रद्धालु फंसे

चंबा के मणिमहेश यात्रा मार्ग पर 6,000 श्रद्धालुओं को शनिवार को सरकारी और निजी वाहनों से रेस्क्यू कर उनके घर भेजा गया। अभी भी भरमौर में 5,000 और चंबा में 500 यात्री फंसे हैं। भरमौर-पांगी और चुराह का सड़क संपर्क शेष दुनिया से कटा हुआ है। मुख्य सचिव ने बताया कि रेस्क्यू अभियान तेजी से चल रहा है।

मौसम विभाग की चेतावनी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 अगस्त को चंबा, कांगड़ा, और कुल्लू में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मंडी, शिमला, सोलन, और सिरमौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। 1 सितंबर को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, और शिमला में येलो अलर्ट जारी रहेगा। भूस्खलन, बाढ़, और जलभराव का खतरा बना हुआ है।

नुकसान और राहत कार्य

  • सड़कें बंद: प्रदेश में तीन नेशनल हाईवे समेत 819 सड़कें बंद हैं, जिनमें मंडी में 245 और कुल्लू में 117 सड़कें शामिल हैं। चंडीगढ़-मनाली हाईवे छोटे वाहनों के लिए बहाल हुआ, लेकिन कीरतपुर-मनाली हाईवे (NH-3) जगह-जगह ध्वस्त है।
  • बिजली और पानी: 728 बिजली ट्रांसफार्मर और 456 पेयजल योजनाएं ठप हैं। मंडी में 70 और कुल्लू में 17 ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं।
  • नुकसान का आंकड़ा: मानसून शुरू होने (20 जून 2025) से अब तक 312 लोगों की मौत हुई, जिसमें मंडी में 51, कांगड़ा में 49, और चंबा में 36 मौतें शामिल हैं। 3,736 घर क्षतिग्रस्त हुए, और नुकसान 2,600 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।

पीएम मोदी का संदेश

‘मन की बात’ में पीएम नरेंद्र मोदी ने प्राकृतिक आपदाओं पर दुख जताया। उन्होंने कहा, “हर पीड़ित का दर्द हम सबका दर्द है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, और स्थानीय लोग राहत कार्यों में जुटे हैं।” उन्होंने हेलीकॉप्टरों से राहत सामग्री पहुंचाने और घायलों को एयरलिफ्ट करने के प्रयासों की सराहना की।

प्रशासन की कार्रवाई

प्रशासन ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, और स्थानीय पुलिस के साथ राहत कार्य तेज कर दिए हैं। पौंग बांध से 1.10 लाख क्यूसिक पानी छोड़ा गया, जिससे नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। चंबा के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सरकार पर राहत कार्यों में लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि प्रशासन का कहना है कि सड़कों और बुनियादी ढांचे को बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है।

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