
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 31 अगस्त को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 113वें संस्करण में देशवासियों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम की शुरुआत 3 अक्टूबर 2014 को हुई थी और यह 22 भारतीय भाषाओं, 29 बोलियों, और 11 विदेशी भाषाओं (फ्रेंच, चीनी, इंडोनेशियाई, तिब्बती, बर्मी, बलूची, अरबी, पश्तू, फारसी, दारी, स्वाहिली) में प्रसारित होता है।

आकाशवाणी के 500 से अधिक केंद्रों के माध्यम से यह लाखों लोगों तक पहुंचता है। इस बार पीएम ने प्राकृतिक आपदाओं, खेलों में उपलब्धियों, और देश के होनहार युवाओं की प्रतिभा पर चर्चा की।
प्राकृतिक आपदाओं पर दुख और एकजुटता
पीएम मोदी ने मानसून के दौरान देश में बाढ़ और भूस्खलन से हुई तबाही का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारी बारिश ने घर, खेत, और परिवारों को उजाड़ दिया, सड़कें और पुल बह गए, और लोगों का जीवन संकट में फंस गया। “जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया, उनका दर्द हम सबका दर्द है,” उन्होंने कहा। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, और स्थानीय स्वयंसेवकों ने थर्मल कैमरे, लाइव डिटेक्टर, खोजी कुत्ते, और ड्रोन जैसे आधुनिक संसाधनों का उपयोग कर राहत कार्यों में तेजी लाई। हेलीकॉप्टरों से राहत सामग्री पहुंचाई गई और घायलों को एयरलिफ्ट किया गया। पीएम ने इन प्रयासों में शामिल सभी लोगों का हृदय से आभार जताया।
जम्मू-कश्मीर में खेलों की नई ऊंचाइयां
पीएम ने जम्मू-कश्मीर की दो उल्लेखनीय उपलब्धियों पर खुशी जताई। पहली, पुलवामा में रिकॉर्ड भीड़ के बीच पहला डे-नाइट क्रिकेट मैच ‘रॉयल प्रीमियर लीग’ के तहत खेला गया, जो पहले अकल्पनीय था। दूसरी, श्रीनगर की डल झील पर आयोजित पहला खेलो इंडिया वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल, जिसमें 800 से अधिक एथलीटों ने हिस्सा लिया। पुरुषों के साथ-साथ महिला एथलीटों की बराबर भागीदारी ने इसे और खास बनाया। मध्य प्रदेश ने सबसे अधिक मेडल जीते, उसके बाद हरियाणा और ओडिशा रहे। पीएम ने ओडिशा की रश्मिता साहू और श्रीनगर के मोहसिन अली जैसे खिलाड़ियों से बात की और उनकी मेहमाननवाजी की सराहना की। उन्होंने कहा, “खेलों से ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना मजबूत होती है। जो खेलता है, वो खिलता है।”
प्रतिभा सेतु: होनहार युवाओं को नया अवसर
पीएम ने UPSC की सिविल सेवा परीक्षा में अंतिम चयन से चूकने वाले होनहार उम्मीदवारों के लिए बनाए गए ‘प्रतिभा सेतु’ डिजिटल प्लेटफॉर्म की चर्चा की। इस पोर्टल पर 10,000 से अधिक ऐसे उम्मीदवारों का डेटा उपलब्ध है, जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बावजूद अंतिम मेरिट सूची में जगह नहीं बना पाए। निजी कंपनियां इस पोर्टल के जरिए इन युवाओं को नौकरी दे रही हैं, जिससे सैकड़ों उम्मीदवारों को रोजगार मिला है। पीएम ने इसे प्रतिभा को अवसर देने का एक अनूठा प्रयास बताया।
फुटबॉल से वैश्विक जुड़ाव
पीएम ने एक पॉडकास्ट में मध्य प्रदेश के शहडोल के फुटबॉल प्रेम का जिक्र किया था, जिसे सुनकर जर्मनी के फुटबॉल कोच डिएटमर बेइर्सडॉर्फर प्रभावित हुए। उन्होंने शहडोल के युवा खिलाड़ियों को जर्मनी की अकादमी में प्रशिक्षण देने की पेशकश की। मध्य प्रदेश सरकार ने इस दिशा में कदम उठाया है, और जल्द ही शहडोल के कुछ युवा जर्मनी जाएंगे। पीएम ने फुटबॉल प्रेमियों से शहडोल के इस खेल क्रांति को देखने का आग्रह किया।
देशभक्ति की मिसाल: जितेंद्र सिंह राठौड़
पीएम ने सूरत के सुरक्षा गार्ड जितेंद्र सिंह राठौड़ की देशभक्ति की कहानी साझा की। जितेंद्र ने प्रथम विश्व युद्ध से लेकर अब तक शहीद हुए हजारों जवानों की जानकारी एकत्र की है। एक शहीद के पिता की बात, “बेटा गया तो क्या हुआ, वतन तो सलामत है,” ने उन्हें प्रेरित किया। जितेंद्र ने ढाई हजार शहीदों के परिवारों से संपर्क किया और उनके माता-पिता के चरणों की मिट्टी संग्रहित की। पीएम ने इसे देशभक्ति का जीवंत उदाहरण बताया।
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