जौनपुर। गैंग बनाकर गरीबो की योजनाओं में लूटपाट करने के आरोपो से घिरे पीओ डूडा पर आखिरकार शासन का डंडा चल गया । पीओ डूडा अनिल कुमार वर्मा को आखिरकार जिले से हटा ही दिया गया। उन्हें मूल विभाग चकबंदी लखनऊ में भेजा गया है। वह प्रतिनियुक्ति पर पीओ डूडा के पद पर कार्यरत थे। यह कार्रवाई इनके ऊपर बीते नौ सितंबर को की गई। डीएम ने अतिरिक्त एसडीएम शैलेंद्र कुमार को पीओ डूडा का कार्यभार सौंपा है।

मालूम हो कि अनिल कुमार वर्मा खिलाफ बदलापुर विधायक रमेशचंद्र मिश्रा ने भी कई बार शासन स्तर पर शिकायत की थी। इनके ऊपर तमाम भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए गए थे। पूर्व एडीएम भू-राजस्व राजकुमार द्विवेदी ने भी अपनी जांच में पाया था कि यह आवास देने के नाम पर गैंग बनाकर वसूली करते हैं। इस पर मुकदमा दर्ज करने का भी आदेश दिया गया था। हलाकि पीओ डूडा ने पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने अपने आपने आपको पाक साफ बताते हुए सारे भ्र्ष्टाचार का ठीकरा आउटसोर्सिंग कर्मचारी यशवीर सिंह के सिर पर फोड़ा था।

इसके बाद जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने भी शासन में कई बार पत्राचार कर इन्हें मूल विभाग चकबंदी में भेजने का प्रस्ताव भेजा था। 

वर्मा का कार्यालय में आउटसोर्सिंग कर्मचारी यशवीर सिंह को लेकर काफी विवाद हुआ। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि पूर्व में शासन स्तर पर किए गए जिला प्रशासन के पत्राचार के आधार पर पीओ डूडा अनिल कुमार वर्मा को उनके मूल विभाग चकंबदी लखनऊ में भेज दिया गया है। उनकी जगह पर पीओ डूडा का चार्ज अतिरिक्त एसडीएम को दिया गया है।