जौनपुर। जिले के ज्यादातर इलाकों में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।यह बारिश धान की फसल के लिए बहुत ही फायदेमंद है।इस वर्ष धान की खेती पर शुरुआत से ही मौसम की मार रही है। मानसूनी बारिश के बिलम्ब होने से खरीफ की ज्यादातर फसलों की बुआई पर्याप्त क्षेत्रफल में नहीं हो सकी।देर बारिश से धान की रोपाई भी देर से हुई और बीच – बीच में हल्की बारिश से भीषण सूखे की स्थिति पैदा नहीं हुई। जब -जब किसानों को आवश्यकता हुई पम्पिंग सेट और नहर से सिंचाई होती रही है।जिन इलाकों में नहरों का विस्तार नहीं है वहां पम्पिंग सेट से सिंचाई की जाती है उन क्षेत्रों में वाटर लेवल नीचे होने के कारण पम्पिंग सेट कम मात्रा में पानी दे रहे थे और बीच – बीच में पानी छोड़ भी दें रहे थे। मछलीशहर तहसील क्षेत्र के विभिन्न भागों में इस बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। तहसील क्षेत्र के बामी गांव के किसान प्रेमचंद प्रजापति कहते हैं कि धान की खेती में 70% तक की लागत लग चुकी है।फसल पूरी तरह से तैयार होने में अभी भी 40 से 50 दिन शेष हैं।ऐसे में एक बार भी पर्याप्त बारिश हो जाती है तो चार से पांच बार सिंचाई करके फसल तैयार कर ली जायेगी जिससे पूरी लागत डूबने से बच जायेगी और बरसात से भूमिगत जलस्तर में भी सुधार होगा जिसका लाभ रबी फसलों की सिंचाई में मिलेगा।